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जीएसटी के विरोध में आंदोलन के लिए ताकत झोंकी (दो खबरें)

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भदोही। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के विरोध में बुधवार को कालीन मजदूरों, शिल्पियों, बुनकरों की प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने के लिए अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) प्रतिनिधियों ने एड़ी चोटी एक कर दी है। इसमे आम कालीन निर्माताओं का सहयोग मिलने के साथ साथ उद्योग से जुड़े अन्य संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। सोमवार को कालीन भवन में एकमा की कार्यकारिणी की बैठक में तय किया गया कि मंगलवार को जनसंपर्क कर लोगों से आंदोलन में सहयोग मांगेंगे।
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कार्यकारिणी की बैठक में पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार असंगठित मजदूरों को संगठित मजदूरों के समकक्ष खड़ा कर देना चाहती है। इससे उद्योग एकदम से मर जाएगा। यदि सरकार सकारात्मक पहल नहीं करती है तो लाखो गरीबों की रोजी रोटी छिनेगी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने कहा कि सोमवार को एकमा पदाधिकारी व्यापक रूप से जनसंपर्क कर लोगों से सहभागिता की अपील करेंगे। बैठक में खमरिया, घो सिया, माधोसिंह, गोपीगंज, नईबाजार, सुरियावां, ज्ञानपुर आदि में जनसंपर्क के लिए अलग अलग प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में पुर्व अध्यक्ष हाजी शौकत अली, पूर्व मानद सचिव अरशद वजीरी, हाजी जलील अंसारी, हाजी अब्दुल हादी, रजा खां, एचएन मौर्य, सुजीत जायसवाल, विमल बरनवाल, मकसूद अंसारी, हसीब अहसन, आरिफ अंसारी, शाहिद अली आदि मौजूद रहे। इसी की बैठक जब चल रही थी तो सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी पहुंचे और आंदोलन में सहयोग देने की बात कही।
उधर आंदोलन के प्रति बाजार में जनजागरण दिखाई पड़ने लगा है। विभिन्न चौराहों, प्रमुख मार्गों, प्रतिष्ठानों के बाहर जीएसटी विरोधी बैनर लग गए हैं। इसकी चर्चा भी जोर पकड़ चुकी है। पूर्व विधायक जाहिद बेग पहले ही अपना समर्थन दे चुके हैं। आज भदोही उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राशिद बेग ने भी विज्ञप्ति जारी कर अपना समर्थन किया।
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