ज्ञानपुर। एकीकृत बागवानी मिशन के तहत किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य अधर में लटकता जा रहा है। योजना के तहत अनुदान पर खरीदे गए ड्रिप सिंचाई एवं स्प्रिंकलर यंत्र के 540 किसानों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। चार करोड़ 30 लाख के बजट के तहत किसानों को लाभ देने से विभाग काफी पीछे है।
पारंपरिक खेती से इतर व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का लक्ष्य है। इसके तहत लघु एवं सीमांत किसानों 80-90 फीसदी अनुदान पर ड्रिप, रेनगन और स्प्रिंकलर देने की योजना है। योजना के लिए जिला उद्यान विभाग को 31 मार्च 2019 तक के लिए चार करोड़ 30 लाख खर्च करने का वित्तीय लक्ष्य दिया गया था। लेकिन, अब तक विभाग दो करोड़ 80 लाख रुपये ही योजना में खर्च कर पाया है। योजना के प्रचार प्रसार के अभाव में डेढ़ करोड़ रुपये सरकार के खाते में वापस जाने की संभावना है। क्योंकि योजना के तहत जिलेभर में 2320 किसानों ने ऑनलाईन आवेदन किया था, जिसमें 1560 किसानों ने ड्रिप, रेनगन और स्प्रिंकलर क्रय किया था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 1020 किसानों की अनुदान राशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है। वहीं 540 किसानों का अनुदान अब तक उनके खाते में नहीं भेजा जा सका है। इससे उनकी धड़कनें बढ़ने लगीं हैं। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र देव दूबे ने कहा कि 31 मार्च तक बचे हुए लाभार्थी किसानों की अनुदान राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी।