ज्ञानपुर। आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण को नए शिक्षण सत्र से प्रभावी किया जा सकता है। इससे शिक्षण संस्थाओं में वर्तमान की अपेक्षा 10 फीसदी सीटें बढ़ेंगी। केएनपीजी में 190 तो दूसरे महाविद्यालयों को मिलाकर करीब 1200 से 1500 सीटें बढ़ सकती है, हालांकि शासन से अब तक इस बारे में कोई पत्र नहीं आया है।
केंद्र सरकार की ओर से सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण को राज्य सरकार ने भी हरी झंडी दे दी है। गरीब सवर्ण वर्ग के लोगों में आरक्षण को लेकर काफी उत्साह है, लेकिन जिले के महाविद्यालयीय स्तर के शिक्षण संस्थानों में प्रभावी बनाने को लेकर अब तक कोई पत्र नहीं आया है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो केएनपीजी में बीए, बीएससी और बीकाम की कुल 1900 सीटें हैं। प्रवेश के दौरान करीब 33 फीसदी तक सीटें बढ़ाकर 2400 छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया जाता है जबकि औराई और भदोही के राजकीय महाविद्यालयों में भी इसी क्रम में प्रवेश लिया जाता है लेकिन वित्तविहीन महाविद्यालयों में एडमिशन की कोई खास गाईडलाइन नहीं रहती। प्रबंधतंत्र अपने हिसाब से प्रवेश लेता है। केएनपीजी समेत जिले के 22 महाविद्यालयों में तकरीबन 15 हजार छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया जाता है। केएनपीजी के प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे का कहना है कि सवर्ण आरक्षण को लेकर अब तक कोई आदेश नहीं आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए शिक्षण सत्र के पूर्व आदेश आ सकता है। कहा कि अगर पत्र आएगा तो दस फीसदी के आधार पर विभिन्न संवर्ग में करीब 190 सीटें बढ़ सकती है।