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लापरवाही में 558 ग्राम पंचायतों को नोटिस

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ज्ञानपुर। राज्य वित्त और 14वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों की फोटो अपलोडिंग करने में ग्राम पंचायतें उदासीन बनी हुई हैं। जिले की 561 में से केवल तीन ग्राम पंचायतों ने प्रियासॉफ्ट साफ्टवेयर पर जहां अपलोडिंग की है, वहीं जीपीडीपी पर 117 पंचायतों ने अपलोडिंग नहीं की है। समय से अपलोडिंग न होने से ग्राम पंचायतों का करीब 40 करोड़ रुपये डंप पड़ा है। विभाग ने सभी 558 ग्राम पंचायतों को नोटिस भेजकर तत्काल अपलोडिंग कार्य पूर्ण कराने के लिए कहा है। इससे प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों में खलबली मच गई है।
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सरकारों की तरफ से गांवों के विकास पर विशेष फोकस किया जाता है। सरकार 14वें और राज्य वित्त से मनरेगा, खड़ंजा, नाली निर्माण, शौचालय, आवास निर्माण समेत अन्य कार्य कराया जाता है। जिस पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किया जाता है। पांच से आठ साल पूर्व गांवों में होने वाले विकास कार्यों को अभिलेखों के माध्यम से ही दर्शाया जाता था, लेकिन अब तय मानक के अनुसार काम होने पर उसकी फोटो सरकार के प्रिया सॉफ्ट और जीपीडीपी साफ्टवेयर पर अपलोड करना पड़ता है। फोटो अपलोड होने के बाद आगे की रकम जारी की जाती है। हर महीने होने वाली फोटो अपलोडिंग में कई ग्राम पंचायतों की ओर से आनाकानी की जाती है। उसके पीछे काम बिना किए ही पैसे खर्च होने के मामले आते हैं। दिसंबर महीने में 561 ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों को 31 दिसंबर तक संबंधित साफ्टवेयरों पर अपलोड नहीं किया गया। इससे जनवरी में मिलने वाले करीब 40 करोड़ रुपये की रकम डंप पड़ी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रियासाफ्ट पर 561 में से केवल तीन ग्राम पंचायतें और जीपीडीपी में 446 पंचायतों ने फोटो अपलोड किया है। पंचायतों की लेटलतीफी को लेकर पूर्व में विभाग की ओर से निर्देश दिया गया लेकिन सेक्रेटरी और प्रधान उदासीन बने हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने 558 ग्राम पंचायतों को नोटिस भेजकर फोटो अपलोड में देरी के लिए जवाब मांगा है।
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फोटो अपलोड न करने पर पंचायतों को नोटिस भेजा गया है। सप्ताह भर में काम पूर्ण न होने पर सेक्रेटरी पर कार्रवाई की जाएगी। - बालेश्वर द्विवेदी, डीपीआरओ

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