फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लगातार तीन तलाक पर बोले लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। एक ओर जहां संसद में तीन तलाक को लेकर बहस छिड़ी है वहीं मुस्लिम पुरुषों का कहना है कि शरीयत में लगातार तीन तलाक देकर पत्नी को छोड़ने का तरीका है ही नहीं। लोगों का यह भी कहना है कि कुछ अपवाद स्वरूप ऐसा करते होंगे जो गलत है। पुरुषों का यह भी कहना है कि भले ही सरकार इसे कानून के दायरे में ला रही है लेकिन सच यही है कि एसे मामले समाज में गिने चुने होते हैं।
विज्ञापन

फिरोज इदरीसी और अनवर अली का मानना है कि एक बार में तीन तलाक देना पहले से ही शरीयत के खिलाफ है। फिर इस पर इतनी हायतौबा क्यों मचा हुआ है। कहा कि शरीयत में नहीं होने का अर्थ है कि यह पहले से इस्लाम धर्म में गलत कहा गया है इसलिए इस पर कानून बने या ना बने एक सच्चे मुसलमान पर कोई असर नहीं पड़ता। हलांकि लोगों ने यह भी कहा कि हमारे शरीयत के मामले में सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
तारा बेगम और रेहाना ने कहा कि लगातार तीन तलाक के मामले अपवाद होते हैं। इस्लाम में इसका प्रचलन नहीं है। कानून बन रहा है इसमे कोई हर्ज नहीं है क्योंकि इसके दायरे में वही लोग आएंगे जो शरीयत को तोड़ेंगे। कहा सरकार यदि कानून बना रही है तो इस बाक का ध्यान रखना होगा कि इससे परिवारों में दरार न आए। क्योंकि पति पत्नी का बंधन इतना बारीक और पवित्र होता है कि एक झटके में परिवार उजड़ सकतें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें