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बिजली आपूर्ति लड़खड़ाई, लोग बेहाल

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ज्ञानपुर। त्योहारों के सीजन में भी जिले में बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई है। रविवार को मुख्यालय पर सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पांच घंटे से अधिक बिजली गुल रही है। यह हाल जिला मुख्यालय का है। गांवों में बिजली आपूर्ति का हाल और भी बेहाल है। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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तमाम प्रयास के बाद भी जिले की बिजली आपूर्ति सुधर नहीं पा रही है। कभी शट डाउन तो कभी ब्रेक डाउन। इसके बाद लोकल फॉल्ट की मरम्मत के चलते घंटों तक बिजली का गायब रहना सामान्य बात हो गई है। जबकि शासन की ओर से जिला मुख्यालय पर निर्बाध बिजली आपूर्ति का निर्देश है। इसके अलावा नगरों को 20 और गांवों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तय किया गया है। लेकिन, धरातल पर ऐसा नहीं है। रविवार को सुबह साढ़े छह बजे के आसपास जिला मुख्यालय की बिजली गुल हो गई। इसके बाद साढ़े नौ बजे बिजली के दर्शन हुए। लेकिन एक घंटे की सप्लाई के बाद बिजली फिर गायब हो गई। इसके बाद 12 बजे के आसपास बिजली के दर्शन हुए। इसके बाद भी बिजली का गुलगपाड़ा जारी रही। इससे लोग खीझ उठे हैं। बिजली की वजह से होने वाले तमाम जरूरी कार्य बाधित होते देख लोगों की खीझ बढ़ जाती है। उनका कहना है कि जब जिला मुख्यालय पर बिजली आपूर्ति का यह हाल है तो नगरों और गांवों में क्या होगा। नगर क्षेत्र के पप्पू हलवाई ने कहा कि बिजली का न तो आने का समय है ना ही जाने का। इसी तरह गांवों में बिजली की लचर आपूर्ति से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। वहिदा, सीतामढ़ी, चौरी आदि इलाकों में ग्रामीणों को निर्धारित शेड्यूल से बेहद कम बिजली मिल रही है। किसान आनंद उपाध्याय ने कहा कि किसान गेहूं की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं। इसके अलावा सब्जियों और अन्य फसलों की सिंचाई का काम भी चल रहा है। लेकिन, बिजली की मनमानी कटौती से मुश्किलेें हो रहीं हैं। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि बिजली की लोकल स्तर पर कटौती नहीं है। मेन लाइन से ही फॉल्ट होने पर आपूर्ति बाधित की जाती है। लोकल फॉल्ट न हो तो आपूर्ति निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक ही की जाती है।
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