ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को लेकर माथापच्ची का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राचार्य ने इसके लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों से विधिक राय मांगी है। चुनाव कराने में लिंगदोह समिति के कुछ मानक पेच फंसा रहे हैं। जिससे आने वाले समय में चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सूबे के अन्य महाविद्यालयों की तरह काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराया जाता है। इस साल निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने हाथ खिंचा तो चुुनाव की तिथि घोषित नहीं हो सकी। चुनाव खत्म होने के बाद महाविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा खत्म होने के बाद चुनाव की अटकलें शुरू हुईं, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। जिसको लेकर छात्रनेताओं में विरोध के सुर भी उठने लगे हैं। प्राचार्य डॉ. रमेश चंद्र यादव ने कहा कि लिंगदोह के नियमों के मुताबिक सत्र शुरू होने के 56 दिन के अंदर छात्रसंघ चुनाव कराना चाहिए। इसके लिए उच्चस्तरीय विशेषज्ञों से विधिक राय मांगी गई है। वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर एनओसी की मांग की गई थी, जिस पर जिलाधिकारी की ओर से एनओसी दी गई थी लेकिन अब विधिक राय के चक्कर में चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव महाविद्यालय का आंतरिक मामला है। लिंगदोह के कुछ नियमों को लेकर अब तक निर्णय नहीं हो सका है। प्राचार्य ही छात्रसंघ चुनाव पर निर्णय ले सकते हैं।