ज्ञानपुर। नया शिक्षण सत्र करीब-करीब खत्म हो चुका है लेकिन परिषदीय स्कूलों में अब तक नि:शुल्क किताबें नहीं पहुंच सकीं। मॉडल 40 स्कूलों में भी कमोबेश यही स्थिति है। वहां तो अब तक शिक्षकों का चयन भी नहीं हो सका, हालांकि विभाग का दावा है कि 75 फीसदी किताबें स्कूलों में जा चुकी हैं।
जिले में 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद कान्वेंट की तर्ज पर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मॉडल स्कूलों का चयन किया गया। 2017 में पांच, 2018 में 60 जबकि 2019 में 40 स्कूलों को शामिल किया गया। पूर्व के स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था पूर्ण हो गई लेकिन 40 नए मॉडल स्कूलों में अब तक अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक नहीं आ सके। इसमें छह पूर्व माध्यमिक और 35 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। पूर्व माध्यमिक में कम से कम तीन जबकि प्राइमरी में पांच-पांच शिक्षकों का चयन होना है। 40 मॉडल स्कूलों में करीब 200 शिक्षक रखे जाएंगे। बताया जा रहा है आचार संहिता समाप्त होने के बाद शिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू होगी। खास बात यह है कि इन स्कूलों में अभी किताबें ही नहीं पहुंची हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की सूची भेज दी है। उसे उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा चुका है। आचार संहिता खत्म होते ही परीक्षा कराकर शिक्षकों का चयन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 75 से 80 फीसदी नि:शुल्क किताबें जिले में आ चुकी हैं। जुलाई में स्कूल खुलने पर शत प्रतिशत किताब बच्चों तक पहुंच जाएगी।