ज्ञानपुर। बुधवार को पूरे दिन रुक-रुक कर होती रही रिमझिम बारिश से खेत-खलिहानों में काटकर रखी गई फसल भीगकर लथपथ हो गई। बारिश के कारण उपज पर लगे झटके से किसानों की पेसानी पर बल पड़ गए। हालांकि मौसम के इस बदलाव से पारा लुढ़क कर 28 उिग्री पहुेचने से लोगों को बरमी से राहत भी मिली।
मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। लेकिन, बुधवार को सुबह हुई तो तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई । इससे सहमे किसान खेतों में पहुंचकर अपनी फसल को सहेजने लगे, लेकिन बारिश ने ज्यादा मौका नहीं दिया। थोड़ी ही देर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई और खेत-खलिहानों में रखी गई गेहूं, अरहर, सरसों आदि की फसलें भीग गईं।
भिदिउरा के किसान मनीष पाठक ने कहा कि उनकी गेहूं की कटी फसल भीग कर खराब हो गई। अब उसे सूखने में समय लगेगा। इसी तरह महेश शंकर ने कहा कि अरहर के सैकड़ों बोझ भीगकर खराब हो गए। अगर मौसम शीघ्र नहीं खुला तो दाने फूल कर किसी लायक नहीं रह जाएंगे। ज्ञानपुर और आसपास के इलाकों के अलावा सीतामढ़ी, जंगीगंज, ऊंज, गोपीगंज, औराई, भदोही, चौरी, महाराजगंज आदि इलाकों में भी रिमझिम बरसात हुई। इससे किसान बेहाल रहे। साथ ही जनजीवन के साथ कई जरूरी कार्य प्रभावित हुए। सुबह से लेकर देर शाम तक चार किस्तों में रिमझिम बारिश हुई।
बारिश से तापमान में गिरावट, बढ़ी सिहरन
ज्ञानपुर। दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश और बदली के चलते जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया है। हफ्तेभर से भीषण धूप और गर्मी से जूझ रहे लोगों को तापमान में गिरावट से राहत मिली है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री पर आ गया था। जबकि दो दिन पहले यह 44 डिग्री तक पहुंच गया था। भीषण गर्मी में जनजीवन उबल रहा था। बुधवार को बारिश और हवाओं से लोगों ने सिहरन महसूस की। न्यूनतम तापमान भी 28 से गिरकर 21 डिग्री पर पहुंच गया था।
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फसलों के लिए फायदेमंद है बारिश
ज्ञानपुर। बारिश से खेत-खलिहानों में काटकर छोड़ी गई फसल भले ही भींगकर खराब हुईं हों, लेकिन खड़ी फसलों के लिए यह नुकसान नहीं है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि यह बारिश सब्जियों की फसल के लिए अमृत है। साथ ही अन्य फसलों को भी तपती गर्मी में बारिश से फायदा मिलेगा। तेज बारिश के साथ अगर तेज हवाएं चलीं और ओले गिरे तभरी खतरा बढ़ सकता है। अन्यथा बारिश से फायदा ही है। यह बारिश इतनी ज्यादा नहीं है कि खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा सके। खेत-खलिहानों में भींग चुकी फसल को मौसम खुलते ही पलट देना चाहिए। ताकि वे जल्दी सूख जाएं।