ज्ञानपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार से तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इसमें शिक्षकों को योग के बारे में बताया।
डायट के प्रवक्ता राजेश पांडेय, पीके त्रिपाठी और विवेक सिंह ने दीप जलाकर शिविर का शुभारंभ किया। प्रशिक्षक धीरज सिंह ने कहा कि बच्चों में बचपन से योग का संस्कार देना बेहतर होता है। प्रशिक्षक ने यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि पर प्रकाश डाला। कहा कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह्य का बचपन से बच्चों में संस्कार विकसित करना और उन्हें आंतरिक एवं बाह्य शुद्धि के लिए शौच, संतोष, तप स्वाध्याय, ईश्वर प्रणिधान की ओर ले जाना जरूरी है। भरत योगी और महेंद्र पटेल ने बताया कि चाय कॉफी के स्थान पर गर्म जल, गिलोय का स्वरस, आंवला और घृत कुमारी का सेवन लाभकारी है। इस मौके पर सरिता बरनवाल, क्रांतिमान शुक्ला, नायला, संतोष सिंह, डिंपल चौरसिया, ममता सिंह, अखलाक अहमद, सुरेंद्र कुमार, अंकित सिंह, दिलीप कुमार पटेल, जय प्रकाश मौर्य, अभय भारतीय, करुणा शंकर त्रिपाठी, ऋषि कुमार पाठक आदि उपस्थित रहे।
चौरी। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय चौरी में सोमवार को सात दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ हुआ। पहले दिन योगाचार्य संदेश योगी ने योग और प्राणायाम की जानकारी दी।
रविवार को राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय चौरी बाजार में योग वेलनेस सेंटर पर सात दिवसीय योग शिविर प्रारंभ हुआ। पहले दिन योग शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थित साधकों को योग प्राणायाम की जानकारी दी गई। पतंजलि योग समिति के प्रांत प्रभारी संदेश योगी ने कहा कि योग में समस्त बीमारियों के समाधान की शक्ति है। उन्होंने कहा कि सर्द मौसम में भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाती, उज्जाई अनुलोम- विलोम के साथ - साथ योगिंग- जागिंग बहुत लाभदायक होता है। कमर दर्द के लिए भुजंगासन, सेतुबंध आसन, मर्कट आसन उपयोगी हैं। मंडूकासन से डायबिटीज का समाधान होता है और गैस, कब्ज जैसी बीमारी दूर होती है। इस मौके पर चंद्रमा प्रसाद दुबे, सुरेंद्र विश्वकर्मा, दुर्गा प्रसाद सेठ, छोटू शर्मा आदि मौजूद रहे।