भदोही। समायोजन रद होने के बाद सेे शिक्षामित्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। फैसले के दिन से शिक्षामित्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में रविवार सैकड़ों शिक्षामित्रों ने सांसद वीरेंद्र सिंह के आवास स्वदेशी आश्रम का घेराव किया। इस दौरान सांसद के न होने पर सांसद प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे टुन्ना को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षामित्रों ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों से किया वादा पूरा करे।
शिक्षामित्रों ने समायोजन के संदर्भ में संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। आज दोपहर 12 बजे सैकड़ों शिक्षामित्र सांसद के इंदिरा मिल चौराहे स्थित आवास पर पहुंचे। वहां सांसद के न होने पर उनके प्रतिनिधि को दो ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों का कहना था कि उन्हें दबाने का मंसूबा सफल नहीं होगा। वे हार भी नहीं मानेंगे। मोर्चे के संरक्षक श्यामजी दुबे ने कहा कि सर्वोच्य न्यायालय के फैसले के बाद अब प्रदेश और केंद्र सरकार पर हमारा भविष्य टिका है। पौने दो लाख शिक्षामित्रों के परिवारों को देखते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कुछ करें। कहा कि शिक्षामित्र डेढ़ दशक से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। अब उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अंत में ज्ञापन देकर लोग लौटे। घेराव में शाहनवाज खां, क्रांतिमान शुक्ला, प्रमोद कुमार पाठक के अलावा छोटेलाल कनौजिया, मनोज कुमार, सीमा सिंह, चंद्रावती देवी, सभाजीत बिंद, सूबेदार यादव, रमाशंकर यादव, गुलाबचंद, उर्मिला देवी, कुसुम गौड़, सैय्यदा बानो, महेंद्र कुमार, आनंद कुमार, इंद्रा देवी, अनीता आदि रहे।