ज्ञानपुर्। रविवार को करीब 10 घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। तापमान गिरने से भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल गई। कृषि विशेषज्ञ इसे धान की नर्सरी के लिए रामबाण बता रहे हैं। हालांकि नगरीय इलाकों के निचले हिस्सों में कई स्थानों पर जलजमाव से लोगों को जूझना पड़ा।
मानसूनी बारिश वैसे तो 22 जून तक शुरू हो जाती है लेकिन इस साल 30 जून तक बारिश न होने से किसानों और कृषि विशेषज्ञों को सूखे की चिंता सताने लगी थी। एक साल पूर्व सूखे की मार सह चुके किसान काफी सहम गए थे। गत दो दिनों से आसमान में काले बादलों ने दस्तक दे दी थी लेकिन बिन बरसे ही वह निकल जा रहे थे। शनिवार मध्य रात्रि के बाद बारिश शुरू हुई, जो रविवार की सुबह 10 बजे तक होती रही। करीब 10 घंटे की बारिश में शुरुआत में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश हुई और बाद में रुक-रुककर होती रही। इससे तापमान में करीब छह से आठ डिग्री तक की गिरावट आ गई। तापमान गिरने से उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत महसूस किया। कृषि विशेषज्ञ एके चौबे ने कहा कि मानसूनी बारिश नर्सरी के लिए रामबाण साबित होगी। कड़े धूप और उमस से नर्सरी का विकास रुक जाता है। 10 दिन तक मौसम सुहाना रहा तो नर्सरी रोपने लायक हो जाएगी। वहीं, दूसरी ओर बारिश से नगरपालिका और पंचायतों की पोल खुल गई। जल निकासी की व्यवस्था न होने से जगह-जगह पानी भर गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।