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भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो आयोजन

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भदोही। इंडिया कारपेट एक्सपो के आयोजन के लिए मार्ट को दुरुस्त कराने के लिए मिली15 दिन की मियाद में काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कैंपस की साफ सफाई, शीशों को बदलने का कार्य, वातानुकूल समेत आग से लड़ने के संसाधनों की टेस्टिंग नहीं हो पाई है। कालीन मेला आयोजकों ने गत 27 अप्रैल को कई कमियां गिनाते हुए 15 दिन का समय दिया था। हालांकि निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने चालू माह के अंत तक काम पूरा कर लेने का दावा किया है।
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200 करोड़ की लागत से भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट बनवाने की पीछे मंशा थी कि हर वर्ष अक्तूबर में वाराणसी में होने वाला एक्सपो भदोही में ही होगा। मार्ट बन कर तैयार हो गया। उसके संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने एक्सपो आयोजकों कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के हवाले भी कर दिया, लेकिन परिषद के लोगों के निरीक्षण में मार्ट खरा नहीं उतरा और 26 बिंदुओं पर काम अधूरा होने की बात कह कर मार्ट को स्वीकार करने से इंकार कर दिया गया। गत 27 अप्रैल को सीईपीसी की पूरी टीम, प्रदेश के उद्योग विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी दुग्गल एसोसिएट्स के अधिकारियों ने बैठक कर परिषद से 15 दिन का और समय मांगा और कहा कि किसी भी सूरत में मार्ट की कमियों को दूर कर आप को हैंडओवर कर देंगे। शनिवार को 13 दिन बीत गए, लेकिन अब तक कैंपस के अंदर और बाहर की सड़कें, स्ट्रीट लाइट समेत शौचालय आदि का काम ही पूरा हो सका है।
शनिवार को मार्ट में आग से बचाव के संसाधनों की टेस्टिंग की जा रही थी। केंद्रीयकृत वातानुकूल की भी टेस्टिंग भी चल रही थी। कालीन निर्यातकों को लीज पर दी जाने वाली 90 दुकानों में पंखों की कमी बताई गई थी। उनमें पंखे भी लग चुके हैं। मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था दुग्गल एसोसिएट्स के परियोजना प्रबंधक पुनील मिश्रा ने बताया कि मार्ट कैंपस के भीतर अधूरे सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कैंपस में खाली जगह की साफ सफाई और हाउस कीपिंग के लिए शीघ्र जेसीबी और 50 मजदूरों की टीम लगाकर सुंदरीकरण कर लिया जाएगा। बताया कि तीसरे फ्लोर पर शौचालय लगभग पूरा हो चुका है। मार्ट के मुख्य प्रवेश द्वार के अंदर फाल्स सीलिंग लगाने की बात थी। उसमें भी मजदूर लगे हैं। टूटे शीशे बदले जा रहे हैं।
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