ऊंज। हर घर तक बिजली पहुंचाने का दावा खोखला साबित होता दिख रहा है। कार्यदायी संस्थाओं ने कागजों में ही संतृप्त दिखा दिया, जबकि तीन-चार माह से उपभोक्ता कनेक्शन जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं। कनेक्शन न जुड़ने से उमस और गर्मी से काफी दिक्कत हो रही है। वहिदानगर उपकेंद्र से जुड़े दर्जन भर से अधिक गांव इससे प्रभावित है।
केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना चलाकर कनेक्शन विहीन, कटियामार एवं विद्युतविहीनों को घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए ब्लॉकवार गांवों को चयनित किया। योजना में करोड़ों खर्च कर दिए गए लेकिन कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कार्यदाई संस्था को जिम्मेदारी दे दी गई। संस्था ने जहां स्थानीय स्तर पर ठेकेदारों से पोल लगाकर तार खिंचने, मीटर लगाने का काम शुरु कराया गया। मीटर, खंभे व तार लगने के बाद भी उपभोक्ताओं को तीन से चार महीने बाद भी कनेक्शन नहीं दिया गया। दरवांसी, सूफीनगर-गोधना, रामकिशुनपुर बसहीं, रजमला, मैलौना समेत करीब 15 से 20 गावों में यही स्थिति है। उपभोक्ता सुनीता देवी, राजकुमारी सिंह, गुलशन बानो ने कहा कि तीन महीने पूर्व उनके यहां मीटर लगा लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया। बार-बार उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को अवगत कराया गया पर अब तक जोड़ा नहीं गया। अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है। जांच कराकर कनेक्शन जोड़वाया जाएगा। कार्यदाई संस्था की लापरवाही मिली तो उसके खिलाफ शासन स्तर तक लिखा पढ़ी की जाएगी।