ज्ञानपुर। शादी की नीयत से किशोर उम्र लड़की को भगाने के मामले में पिता-पुत्र समेत पांच लोगों को सजा सुनाई गई है। 2012 के मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायधीश फास्ट ट्रैक अशोक कुमार दुबे प्रथम की अदालत ने फैसला सुनाया।
प्रकरण के मुताबिक भदोही कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने 10 मई 2012 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि 10 अप्रैल को उसकी 17 वर्षीय पुत्री को गांव के विजयी पुत्र बेनीलाल ने बहला-फुसलाकर भगा लिया था। पड़ोसी गांव की दो किशोरियां भी उसी दौरान लापता हो गईं थीं। उनके साथ भात गांव का बागी पुत्र संतलाल भी गायब था। इस पर घर वालों ने तीनों किशोरियों को भगाने के आरोप में विजयी, बेनीलाल, बागी, सवित्रा और अनिल कुमार समेत सात लोगों को आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। केस कोर्ट में पहुंचा तो अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए विजयी को 10 साल, पिता बेनी लाल और सवित्रा को सात-सात साल, अनिल कुमार को 10 साल और गीता को सात साल की सजा सुनाई। सभी दोषियों को आर्थिक दंड भी लगाया गया है।