ज्ञानपुर। इलाहाबाद मंडल के खाद्य उपायुक्त बृजेंद्र यादव की टीम बुधवार को जिला पूर्ति कार्यालय जांच के लिए धमकी। अचानक टीम के आने से कार्यालय में खलबली मच गई। करीब एक घंटे तक कार्यालय में अभिलेखों की जांच के बाद टीम अभोली के ख्यौंखर गांव रवाना हो गई। जिले में आई टीम चार दिनों में तीन गोदाम और पांच राशन वितरण की दुकानों की जांच करेगी। जांच में एक-एक बिंदुओं की तहकीकात की जाएगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कम दर पर राशन मुहैया कराया जाता है। कोटे की दुुकानों के माध्यम से कार्डधारकों को मिलने वाले अनाज, केरोसिन में व्यापक स्तर पर धांधली की जाती है। पूर्ति कार्यालय से लेकर कोटेदार तक संदेह के घेरे में रहते हैं। कमीशनखोरी के चलते कई गावों में अनाज का वितरण ही नहीं किया जाता है। जिलास्तरीय जांच के बाद भी शासन इसकी जांच कराता है। इसी क्रम में शासन ने भदोही जिले में जांच के लिए इलाहाबाद के खाद्य उपायुक्त बृजेेंद्र यादव को नामित किया है। बुधवार को जिले में आए बृजेंद्र यादव ने डीएसओ कार्यालय में जांच पड़ताल किया। उनके साथ इलाहाबाद के ही तीन इंस्पेक्टर और आरओ भी फाइलों की तहकीकात करते रहे। खाद्य उपायुक्त के आने की खबर सुनकर तीनों तहसीलों के आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर पहुंच गए। खाद्य उपायुक्त करीब एक घंटे से अधिक समय तक डीएसओ कार्यालय में सभी कोटेदारों को मिलने वाले अनाज संबंधित फाइलों को देखा। इस दौरान उन्होंने पांच कोटे की दुकानों को चिन्हित किया। उन्होंने बताया कि वह चार दिनों तक जिले के विभिन्न हिस्सों में पांच कोटे की दुकान और तीन गोदामों की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इस मौके पर डीएसओ संजय कुमार पांडेय समेत कई लोग मौजूद रहे।