ज्ञानपुर। भदोही जिले में भी गंगा जमकर प्रदूषित हो रही है। नदी-नालों के साथ बहती गंदगी का अंबार पतित पावनी के जल को प्रदूषित कर रहा है। साथ ही सहायक नदियों का प्रदूषण भी गंगा के जल को दूषित कर रहा है। सीतामढ़ी से लेकर रामपुर, भोगांव घाट तक गंगा में गंदगी का अंबार एक्शन प्लान को मुंह चिढ़ा रहा है।
भदोही जिले में गंगा का पदार्पण सीतामढ़ी से होता है। इसके साथ ही गंगा विभिन्न इलाकों से गुजरती हुई वाराणसी की ओर प्रवाहित होती है। लेकिन, जिले में गंगा को प्रदूषित करने के पर्याप्त कारक मौजूद हैं। सीमावर्ती गांवों की गंदगी के अलावा शवदाहों के कचरे और निर्माल्य आदि से गंगा का जल नहाने के लायक भी नहीं रह गया है। गंगा के किनारे स्थित नगरीय इलाके भी सीवर और नालों से गंगा को दूषित कर रहे हैँ। सहायक नदियां भी इसमें जाकर मिलती हैं। उनकी गंदगी से भी गंगा गंदी हो रही है। सुरियावां संवाददाता के मुताबिक वरुणा नदी में दुर्गागंज बाजार, सुरियावां नगर पंचायत, करियांव बाजार, भदोही नगर का कचरा बहते हुए गंगा में जाता है। इसी तरह गोपीगंज नगर और औराई क्षेत्र के बाजारों के सैकड़ों लीटर सीवर का पानी भी गंगा में जा रहा है। इससे गंगा दूषित हो रही है। खास बात यह है कि इससे निपटने के लिए खास व्यवस्था नहीं है।
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गंगा का जलस्तर घटा, मिली राहत
सीतामढ़ी। गंगा का जलस्तर घटने लगा है। हफ्तेभर के बढ़ाव के बाद शुक्रवार को सीतामढ़ी में गंगा का जलस्तर खिसकने लगा। शुक्रवार को सुबह दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर उतरने लगा। यह रफ्तार दोपहर बाद चार सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच गई। इससे तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। सीतामढ़ी में केंद्रीय जल आयोग के गेज पर जलस्तर 70.660 मीटर रिकार्ड किया गया। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 71.300 मीटर दर्ज किया गया था। सप्ताहभर तक लगातार गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं थीं।