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Bhadohi News: गंगा घाट की 12 सीढि़यां डूबीं, आश्रम की नींव जलमग्न

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सीतामढ़ी में बाढ़ के पानी मे डूबी पक्के घाट की सीढ़ियां। संवाद
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सीतामढ़ी (भदोही)। जिले में गंगा का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। इस साल चौथी बार गंगा के पानी में बढ़ाव देखा जा रहा है। 24 घंटे के भीतर एक मीटर तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है। केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज के अनुसार गंगा के पानी में तीन से चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाेतरी हो रही है। रविवार को गंगा का जलस्तर 77.910 मीटर तक पहुंच गया है। सीतामढ़ी घाट की 12 सीढि़यां बाढ़ के पानी में डूब गईं और उड़िया बाबा आश्रम की नींव जलमग्न हो गई। देश के कई हिस्सों में हुई बारिश और यमुना समेत अन्य नदियों में छोड़े गए पानी के बाद एक बार फिर से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया है। जिले में चौथी बार गंगा के जलस्तर में बढ़ाव देखा जा रहा है। तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच अब एक बार फिर से गंगा का पानी सीढि़यों तक पहुंच गया है। इस समय गंगा का पानी तेजी से घाटों पर चढ़ता जा रहा है। सीतामढ़ी घाट की दर्जनभर पक्की सीढ़ियां डूब गईं हैं। उड़िया बाबा आश्रम की नींव बाढ़ के पानी में डूब गई है। एक बार जलस्तर फिर बढ़ने से गंगा के तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। गंगा में उफान की स्थिति है। वहीं नौका संचालन भी बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है। नहर विभाग के एक्सईएन सुधीर कुमार पाल ने बताया कि रविवार को गंगा का स्तर 77.910 मीटर तक पहुंच गया है। तटवर्ती इलाकों पर नजर रखी जा रही है। जिले में इस बार गंगा के जलस्तर में चौथी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहली बार गंगा पांच जुलाई से बढ़नी शुरू हुई। इस बीच गंगा सात जुलाई तक बढ़ी और 77.660 मीटर तक पहुंची। इस दौरान छेछुआ, भुर्रा जैसे गांवों में आंशिक कटान देखने को मिली। इसके बाद जलस्तर घटने लगा। इस दौरान दो सेमी की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ा। दूसरी बार गंगा 28 ज़ुलाई से गंगा का जलस्तर बढ़ा। शुरुआत में दो सेमी. लेकिन एक दिन बाद ही अचानक जलस्तर चार सेमी की रफ्तार से बढ़ने लगा। इस बार गंगा चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर और खतरा बिंदु 81.20 मीटर को पार कर चार अगस्त को 81.170 मीटर पर जाकर थमी। सीतामढ़ी में बाढ़ का पानी उड़िया बाबा आश्रम और मौनी बाबा आश्रम के पास पहुंच गया। कोनिया के हरिरामपुर का प्राचीन शिवालय गंगा बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया। वहीं किसानों की करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। दूसरी तरफ औराई और खमरिया के निचले इलाके में भी पानी घुस गया। इसके बाद तीसरी बार 24 अगस्त से गंगा में बढ़ाव शुरू हुआ। इस बार तीन दिन में गंगा करीब साढ़े चार मीटर बढ़ गई। इस दौरान छेछुआ भुर्रा में आंशिक कटान देखा गई। गंगा पांच सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ी। अब तीन दिन से फिर से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव हो रहा है।
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