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Bhadohi News: 12 झोलाछाप लापता, स्वास्थ्य विभाग को तलाश

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ज्ञानपुर। भदोही जिले के 12 झाेलाछाप तीन महीने से लापता हैं। स्वास्थ्य विभाग को उनकी तलाश है। जांच टीम मौके पर जाती है लेकिन वे नहीं मिलते। झोलाछाप की जांच के लिए गठित टीम की जांच में यह तथ्य सामने आया है। झोलाछाप बिना किसी डिग्री के मरीजों को दवा देते हैं। पहले 178 झोलाछापों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया था। इनमें से 80 ने जवाब नहीं दिया। अब उनकी दोबारा जांच की जाएगी। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले अवैध क्लीनिक संचालकों और झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्ती करता है। करीब 10 महीने पूर्वविभाग ने बिना पंजीकरण के संचालित 178 क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किया था। इसके बाद 98 नोटिस का जवाब आया। इनमें 20 ने क्लीनिक न चलाने की बात कही और स्वास्थ्य विभाग को शपथ पत्र भी दिए। वहीं 26 संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराई गई। अब दोबारा 80 झोलाछाप की जांच के लिए टीम गठित की गई है। स्वास्थ्य विभाग के रडार पर रहे 12 झोलाछापों का तीन महीने से अता-पता नहीं है। जहां उनके क्लीनिक चलते थे, वहां अब ताला लटका हुआ है। जांच टीम में शामिल अफसरों की मानें तो ये झोलाछाप गांव-गांव जाकर दवाएं दे रहे हैं। इससे वे पकड़ में नहीं आ रहे। छह महीने पहले सुंदरपुर, गोपीगंज, भदोही में झोलाछाप के उपचार से मरीजों की मौत हो चुकी है। बिना जांच कराएं ही ये दवाएं दे देते हैं। घटना के बाद गोपीगंज सीएचसी के अधीन एक दिन में चार झोलाझाप डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ये सारे बंगाली डॉक्टर हैं, जो क्लीनिक चलाते हैं।
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