आतिशबाजी से जिले का आकाश दमक उठा। कई बड़े प्रतिष्ठान झालर और लाइटों से सजाए गए थे। देर रात तक न्यू ईयर पार्टियों का दौर चला। हालांकि इस दौरान गड़बड़ियों पर पुलिस-प्रशासन की सतर्क नजर रही।
खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ वर्ष 2015 गुजर गया। साथ ही नए वर्ष 2016 का भव्य आगाज हो गया। पिछले कई दिनों से चल रही न्यू ईयर पार्टी की तैयारी को बृहस्पतिवार को अमलीजामा पहना दिया गया।
तमाम लोगों ने परिवार के साथ होटलों और ढाबों में जाकर नए साल का जश्न मनाया। युवाओं ने साथियों के साथ पहले ही बाहर घूमने जाने का कार्यक्रम बना लिया था।
युवाओं के कई समूह विंढम फाल, खड़ंजा फाल और सिद्धनाथ दरी आदि स्थानों पर घूमने निकल लिए। तो बड़ी संख्या में युवाओं ने एक जनवरी को पिकनिक मनाने का निर्णय लिया है।
उधर नए साल के मद्देनजर सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी एक दिन पूर्व से ही सैलानियों की भीड़ से गुलजार हो उठी थी। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ भी सीतामढ़ी पहुंचे।
नए साल की पूर्व संध्या पर बीस हजार से अधिक लोग सीतामढ़ी घूमने पहुंचे। साल के अंतिम दिन ढाबों पर भी पार्टियों का दौर चला। घूमने के बाद लोग भोजन करने पहुंचे।
जगह-जगह बाटी-चोखा की भी पार्टियां चलीं। भदोही नगर और गोपीगंज में नए वर्ष के जश्न की रौनक अधिक थी। होटल और बड़े प्रतिष्ठान लकदक रोशनी से नहाए हुए थे। घड़ी की सुइयों ने ज्यों ही रात के ठीक 12 बजाए, लोग एक-दूसरे को हैप्पी न्यू ईयर बोलने लगे। जगह-जगह पटाखे और आतिशबाजी भी हुई।
ए खास आकर्षण बना रहा।