ज्ञानपुर। कुत्तों के काटने पर बीमार मवेशियों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना है तो निजी अस्पतालों की शरण में जाएं। जिले के सरकारी पशु अस्पतालों में इंजेक्शन का टोटा है। इसको लेकर पशुपालकों में नाराजगी है। कुत्ते के रैबिज से हाइड्रोफोबिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचने के लिए अस्पतालों में एंटी रैबिज इंजेक्सन उपलब्ध कराई जाती है। बुधवार को डीघ पशु अस्पताल पहुंचे रामकुमार ने कहा कि उनकी गाय को कुत्ते ने काट लिया है। इंजेक्शन लगवाने गए तो पता चला कि वक्सीन नहीं है। रामकुमार इकलौते पशुपालक नहीं है। आए दिन कई लोगों को इसी तरह बैरंग लौटना पड़ता है। मुख्य पशु चिकित्साअधिकारी डॉ. जेडी सिंह ने कहा कि जिले के 11 पशु अस्पतालों में एक हजार वैक्सीन इंजेक्शन उपलब्ध कराई गई है। इसमें से 200 वैक्सीन ज्ञानपुर जिला अस्पताल में रखा गया है, हालांकि यह नाकाफी है। कहा कि मंडल और निदेशालय को पत्र देकर वैक्सिन की कमी को पूरा करने की मांग की गई है।