चौरी। लोकसभा चुनाव के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से गरीबों को 72 हजार सालाना देने की घोषणा की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। कोई इसे चुनावी स्टंट बता रहा है तो कोई स्वागत योग्य कदम कहता दिखा। बताया कि घोषणाओं पर अगर अमल किया जाए तो देश से गरीबी मिट जाएगी।
शिक्षक बृजराज दुबे ने राहुल की घोषणा का स्वागत किया। कहा कि देश का गरीब अगर खुशहाल रहेगा, तभी यह देश तरक्की वाला माना जाएगा, हालांकि घोषणा पर ईमानदारी से अमल होना चाहिए। चुनाव के बाद भी गरीबी, बेरोजगारी और विकास पर ही बात होनी चाहिए। समाजसेवी आशीष दुबे ने कहा कि चुनाव के समय ही गरीब याद आने लगते हैं। राहुल गांधी ने 72 हजार देने की घोषणा तो कर दी, लेकिन इतनी रकम आएगी कहां से। इससे देश की अर्थव्यवस्था कहां जाएगी। व्यापारी कृष्ण मुरारी जायसवाल ने कहा कि सिर्फ चुनाव के समय पर ही यह सब कुछ सुनने का मौका मिलता है, लेकिन लाभ मिलने का समय आता है तो असली हकदार पीछे रह जाते हैं। योजनाओं में भ्रष्टाचार का घुन लग जाता है। 55 साल देश में कांग्रेस की सरकार रही तब गरीबी दूर करने की याद नहीं आई। व्यापारी सादिक अली ने राहुल गांधी की घोषणा का स्वागत किया । उनका कहना है कि गरीबी के कारण देश में आतंकवाद, अपराध में जहां बढ़ोतरी होती है, वहीं शिक्षा के अभाव में युवा मुख्य रास्ते से भटक जाते हैं।