फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झोला छाप डाक्टरों की भरमार बन रही मौतों का कारण

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
ज्ञानपुर। मरीजों की जान के दुश्मन बन दुकानें सजाए बैठे झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी मौतों का कारण बन रही है। जांच के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने के चलते विभागीय कार्यप्रणाली शासन की मंशा पर खरा नहीं उतर पा रही है।
जिले में झोलाछाप चिकित्सकों की भरमार हो गई है। अकेले डीघ ब्लॉक क्षेत्र में राजमार्ग से लगायत गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों तक चार दर्जन से अधिक झोलाछाप और नीम-हकीम बड़े-बड़े बोर्ड एवं हरे पर्दे लगाकर दुकानदारी चला रहे हैं। दो-तीन महीने नामचीन चिकित्सकों के यहां मरहम-पट्टी का अनुभव लेने के बाद ही खुद को डाक्टर समझने की खुशफहमी पाल कर बैठे ये चिकित्सक कई बार बड़ी बीमारियों का इलाज करने का दुस्साहस भी कर बैठते हैं। मामला तब खुलकर सामने आता है जब किसी मरीज के लिए मामूली बुखार और चोट मौत का कारक बन जाती हैं। सीतामढ़ी मार्ग, कोइरौना-कलिंजरा मार्ग, वहिदानगर-सुभाषनगर, जंगीगंज बाजार, दौरियाहीं, सूफीनगर-जंगीगंज स्टेशन मार्ग, गोधना मार्ग, नवधन पावर हाउस समेत कई अन्य स्थानों पर ऐसे डाक्टरों की सजी दुकानों पर स्वास्थ्य विभाग की नजरें क्यों नहीं पड़तीं यह समझ से परे हो गया है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से मरीजों की जान जोखिम में डालने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
विज्ञापन


दवा दुकानों की जांच भी संदेह के घेरे में
ज्ञानपुर। गत तीन माह पूर्व डीघ क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोरों पर ड्रग इंस्पेक्टर की जांच से अफरातफरी मची जरूर, लेकिन दो दिन मामला अपने आप ठंडे बस्ते पड़ गया। जिस रोड से जांच टीम पहुंचती है, झोलाछाप डाक्टरों को नजरंदाज करती जाती है। ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल की दुकानों को अपना निशाना बनाते हैं, लेकिन फर्जी ढंग से संचालित होने वाले क्लीनिक और अस्पतालों से दूरी बनाए रखी जाती है।
विज्ञापन


जांच कराकर होगी कार्रवाई: सीएमओ
ज्ञानपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। जनपद के सभी क्षेत्रों से झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज करने की शिकायतें मिल रहीं हैं। शीघ्र ही टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और कठोर कार्रवाई भी होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें