ज्ञानपुर। जनपद के छह ब्लॉक क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित गौशालाओं में संरक्षण ले रहे छुट्टा पशुओं के खानपान, इलाज, पेयजल आदि के लिए जिला प्रशासन की संस्तुति पर पशुपालन विभाग ने 35 लाख रुपये बीडीओ के खाते में भेज दिया गया है। जरूरत के मुताबिक संबंधित ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी संयुक्त खातों से धन की निकासी कर सकेंगे। तो वहीं विभाग ने होने वाले मनमानी खर्च पर निगरानी समिति को पैनी नजर रखने का सर्वाधिकार दे दिया है। जनपद में किसानों के लिए सिरदर्द साबित होने वाले छुट्टा पशुओं को संरक्षण के तौर पर बजट में भारी-भरकम धनराशि आवंटित करते हुए गोशाला निर्माण में तेजी लाने का निर्देश पशुपालन विभाग को दिया गया था। इसके तहत विभाग ने तेजी दिखाते हुए सभी छह ब्लॉक क्षेत्रों में गोशाला बनवाने की पहल तो शुरू करा दी गई, लेकिन उनकी देखभाल के लिए धनराशि को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया। समुचित देखभाल के अभाव में अव्यवस्थित गौशालाओं में पशु किसी न किसी कारण दम तोड़ना शुरू किया, तब जिला प्रशासन भी निद्रा को तोड़ते हुए छोटे-बड़े गोशाला के हिसाब से धन के आवंटन की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। सीडीओ के नेतृत्व में बनी निगरानी समिति ने मुहर लगाकर भदोही ब्लॉक को 10 लाख समेत पांच अन्य ब्लाकों को पांच-पांच लाख की धनराशि बीडीओ के खाते में भेजवा दी गई। सीवीओ डॉ. आईए खान के मुताबिक जनपद में कुल लगभग 20 गौशालाएं बनाई गईं हैं। इनमें औराई, चकवा महावीर और डुड़वाधर्मपुरी में बनी गौशालाओं में पशुओं की संख्या तीन से चार सौ के आसपास है। अन्य में भी संख्या बढ़ाई जा रही है। जैसे-जैसै ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला की संख्या बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे धनराशि को बढ़ाया जाता रहेगा। गौशालाओं में संरक्षण ले पशुओं के समुचित देखभाल उक्त धनराशि से होगी। पशुपालन विभाग के मुताबिक सड़कों पर छुट्टा घूम रहे पांच सौ से अधिक वयस्क सांड़ों का बंध्याकरण कराकर टैग किया जा चुका है। चिकित्सकों की टीम सचल दस्ते के साथ बंध्याकरण की संख्या बढ़ाने में लगी हुई है।