ज्ञानपुर। गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकारी पैसा वापस न करने वाले 100 से अधिक अपात्रों पर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने एफआईआर की संस्तुति की है। प्रशासन के सख्त रवैये के बाद 150 से अधिक अपात्रों ने प्रथम किश्त के रूप में लिया 40 हजार सरकारी धन वापस कर दिया जबकि अन्य पर सख्ती बरती जार ही है।
केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5,981 और वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4, 560 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें चयनित लाभार्थियों को प्रति आवास के निर्माण के लिए 1,20 लाख रुपये उपलब्ध कराया जाता है। इसमें तीन किश्तों में उन्हें रकम दी जाती है। जिसमें पहली किश्त 40 हजार चयन के बाद ही भेज दिया गया। शुरुआती दौर में प्रधानों, सचिवों और विभागीय आला अधिकारियों के तालमेल से गाइडलाइन को ताक पर रखकर अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया। अभोली, डीघ, सुरियावां समेत अन्य ब्लॉकों में प्रधानमंत्री आवास को अपात्रों को आवंटित करने की आए दिन मिल रही शिकायत को लेकर सत्यापन करया गया। जिसमें 500 अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया था। इसमें से अधिसंख्य अपात्रों ने खाते से पहले किश्त के रूप में 40 हजार की धनराशि भी भेज दिया गया था। अकेले विकास खंड डीघ में 130 अपात्र और अभोली में 100 से अधिक अपात्र मिले थे। प्रकरण में तीन सेक्रेटरी पर निलंबन की गाज भी गिरी। अपात्रों से रिकवरी को लेकर प्रशासन ने सख्ती की तो करीब 150 ने सरकारी धन लौटा दिया लेकिन अब भी 350 से अधिक अपात्र पैसे नहीं लौटा रहे हैं। रिकवरी की नोटिस भेजने के बाद पैसा न वापस करने पर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने ऐसे अपात्रों पर एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति करते हुए सभी बीडीओ को निर्देश दिया है।
अपात्रों से रिकवरी के लिए नोटिस जारी की गई है। 150 से अधिक ने पैसा वापस कर दिया है। सभी बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि जो अपात्र पैसा न लौटाएं उन पर एफआईआर किया जाए।
हरिशंकर सिंह, सीडीओ भदोही