गोपीगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-प्रयागराज रेल रूट के मध्य स्थित ज्ञानपुर रोड स्टेशन यात्री सुविधाओं का मोहताज है। जबकि आए दिन स्टेशन पर डीआरएम सहित अन्य मंडल स्तरीय अधिकारियों का विशेष सैलून से पहुंच कर औचक निरीक्षण भी होता रहा है। बावजूद इसके यात्री प्रकाश, शौचालय, पार्किंग, आरक्षण, व्यवस्थित वेटिंग हाल, सुरक्षा एवं संरक्षा जैसी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे रूट पर ज्ञानपुर रोड एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां पर गत दो महीने से यात्री नई मुसीबत सह रहे हैं। स्टेशन पर लगे दो जनरेटरों के खराब होने से शाम के समय दोनों प्लेटफार्मों पर अंधेरा पसरा रहता है। बिजली आने के बाद ही प्रकाश मिल पाता है। यही स्थिति पेयजल को लेकर भी बनी रहती है। जबकि रूट का प्रमुख स्टेशन होने से करीब दो दर्जन से अधिक दूरगामी क्षेत्रों को जोड़ने वालीं ट्रेनों का ठहराव होता है और तीन जोड़ी पैसेंजर तथा प्रयागराज में चल रहे कुंभ को देखते हुए मेला स्पेशल ट्रेने भी चलाई जा रही हैं। नगर और महानगरों के साथ-साथ कल्पवासी यात्रियों की भारी भीड़ स्टेशन पहुंच कर ट्रेनों का इंतजार करती रहती है। अंधेेरा रहने से यात्री चोर-उचक्कों की सक्रियता को लेकर भी आशंकित रहते हैं। सभासद संदीप गुप्ता, अनीस अख्तर ने वाराणसी
हैंडपंप बने हैं शोपीस
गोपीगंज। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए दोनों प्लेटफार्मों को मिलाकर आधा दर्जन हैंडपंपों की स्थापना कराई गई है। जो अपने स्थापना काल से ही शोपीस बनकर रह गए हैं। सबसे विकट स्थिति प्लेटफार्मों के अंतिम छोर पर लगे संसाधनों की बनी हुई है जिन्हें देखने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वास्तव में वाराणसी मंडल यात्रियों की सुविधा के लिए कितना तत्पर और गैर जिम्मेदार हो सकता है।
क्या कहते हैं स्टेशन अधीक्षक
गोपीगंज। स्टेशन अधीक्षक महानंद ने बताया कि जनरेटर खराबी की बात हो या फिर अन्य समस्याएं। निदान के लिए मंडल स्तर पर कई बार लिखापढ़ी की जा चुकी है। अधिकारियों पर ही सबकुछ निर्भर है। जनरेटर खराब होने से यात्रियों को ही नहीं वरन स्टेशन कर्मचारियों को भी तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।