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10 हजार हेक्टेअर धान की सिंचाई पर संकट

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10 हजार हेक्टेअर धान की सिंचाई पर संकट
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ज्ञानपुर/सीतामढ़ी (भदोही)।
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मानसून की बेरुखी में किसानों के अहम साथी माने जाने वाले नहर भी बेपानी हो चुके हैं। पानी न आने से सैकड़ों हेक्टेयर धान की सिंचाई पर संकट छा गया है। कई हेक्टेयर फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। इसे लेकर किसानों की नाराजगी बढ़ने लगी है।
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जिले में करीब 300 किमी छोटी बड़ी नहरों का जाल फैला है। इससे करीब 10 हेक्टेयर फसल की सिंचाई की जाती है। हल्की बारिश को छोड़ दिया जाए तो अगस्त महीना सूखा ही गुजर गया। धान की फसल के लिए इस समय पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन बारिश न होने से धान की फसल भी सूखने लगी है। पूर्वांचल के किसानों की लाइफ लाइन कही जाने वाली ज्ञानपुर पंप नहर परियोजना बदहाली के दौर से गुजर रही है। स्थिति इतनी दयनीय होती जा रही है कि नहरों में टेल तक पानी ही नहीं पहुंच रहा है। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद किसानों की आस जगी थी कि अब उनके खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा, जिससे अच्छी पैदावार मिलेगी और उनकी स्थिति सुधरेगी लेकिन स्थिति उलट दिखने लगी है। किसानों का कहना है कि पहले पानी खेतों तक पहुंच जाता था, लेकिन अब तो विभाग के लोग मनमाना हो गए हैं। सिंचाई के पानी के लिए कितनी भी शिकायत कीजिए, कोई अधिकारी और कर्मचारी किसानों की समस्याओं को अनदेखा कर देते हैं। किसानों का कहना है कि सरकार की मंशा है कि किसानों की दशा सुधरे, लेकिन जब खेतों तक पानी ही नही पहुंचेगा तो खेती कैसे करेंगे। डीघ रजवाहा और बारीपुर बहोरनपुर माइनर में पिछले काफी दिनों से टेल तक पानी नही पहुंच रहा है पानी के अभाव में किसानों की धान की फसल बर्बाद हो रही है। इसी तरह डीघ रजवाहा से समूचे कोनिया क्षेत्र के किसानों के खेतों को पानी मिलता है लेकिन धान के सीजन में टेल तक पानी नही पहुंच पा रहा है, जिसके कारण किसान पानी के लिए परेशान है। बारीपुर के किसान राहुल दुबे, नारेपार के हंसराज सिंह, सरकार शुक्ल, जगदीप शुक्ल, डीघ के नंघू तिवारी, कला तुलसी के आदर्श पांडेय, भुर्रा के अवधराज सिंह, इटहरा के दीनानाथ मिश्र आदि किसानों ने जिलाधिकारी से नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की है।
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वर्तमान में ज्ञानपुर पंप कैनाल के आठ पंप चल रहे हैं। शीघ्र ही टेल तक पानी पहुंचेगा। किसान के खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रयास है।
- केदारनाथ जायसवाल, अधिशासी अभियंता नहर
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