ज्ञानपुर (भदोही)।
अभोली ब्लॉक के वीरभद्रपट्टी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12 लाभार्थी जांच में अपात्र पाए गए हैं। पीडी और बीडीओ की जांच में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी और एडीओ को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही अपात्रों से धन की रिकवरी करने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही जिले में जुगाड़ से प्रधानमंत्री आवास प्राप्त करने वालों की तादाद 70 पहुंच गई है, जिनका खुलासा हो चुका है।
गरीबों को छत मयस्सर कराने की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना की जिले में कचूमर निकाली जा रही है। प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ आदि की कृपा से थोक के भाव अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ पहुंचा दिया गया है। वहीं, पात्र लोग आवास के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। ताजा मामला अभोली ब्लॉक के वीरभद्रपट्टी गांव का है। इस गांव में प्रधानमंत्री आवास के लिए लाभार्थियों के चयन में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद, बीडीओ अभोली और परियोजना निदेशक को जांच दी गई थी। दोनों अधिकारियों की जांच में गांव में 12 आवास आवंटन अपात्रों को करने का खुलासा हुआ है। दोनों अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को दे दी। रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी संजय सरोज और एडीओ शिव प्रकाश को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही अपात्र पाए गए उन 12 लोगों से धन की रिकवरी कराने का निर्देश दिया है, जिन्हें आवास के लिए धन का भुगतान कर दिया गया था। गौरतलब है कि जिले में अब तक 70 अपात्रों को आवास आवंटित करने का खुलासा हो चुका है। सीडीओ की इस कार्रवाई से प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता करने वालों में खलबली मची है। सीडीओ ने कहा कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रजमला में भी अपात्रों का चयन, जांच शुरू
ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक के रजमला गांव में भी प्रधानमंत्री आवास के तहत अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। गांव में कुल 35 आवास आवंटित किए गए हैं। इनमें से 20 आवास अपात्रों को आवंटित करने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है। डीघ ब्लॉक के बीडीओ मामले की जांच कर रहे हैं।