ज्ञानपुर। स्थान: कलेक्ट्रेट सभागार। समय: दोपहर 12 बजे। निर्वाचन में होने वाले खर्च की बैठक ले रहीं व्यय प्रेक्षक रानू मुखर्जी से गठबंधन और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सवाल किया। मैडम! गांव-गांव में लगे सौभाग्य योजना के बोर्ड से आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है। इसे हटवाने की कृपा करें। इससे सत्तापक्ष का प्रचार हो रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार गौतम और कांग्रेस के सुरेशचंद्र उपाध्याय के आरोपों पर व्यय प्रेक्षक ने जवाब देते हुए कहा कि सौभाग्य योजना के तहत लगे बोर्ड आचार संहिता की श्रेणी में नहीं आएंगे। आयोग ने इसकी अनुमति दी है। नए कोई बोर्ड, बैनर, पोस्टर लगाए जाएं तो उसकी सूचना दें, तत्काल कार्रवाई होगी। प्रेक्षक के जवाब से बसपा और कांग्रेस के पदाधिकारी संतुष्ट तो नहीं हुए, लेकिन चुप जरूर हो गए। बैठक में प्रेक्षक ने कहा कि जो भी रैली या जनसभाएं होंगी, उनके लिए रिटर्निंग ऑफिसर की अनुमति जरूरी है। उन्होंने कहा कि सहायक व्यय प्रेक्षक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विशेष रूप से सक्रियता बरतें कि कहीं भी साड़ी, नगद धनराशि, शराब आदि का वितरण यदि हो रहा है तो कार्रवाई करें। मीडिया प्रमाणन एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी) के कमेटी को निर्देश दिया है कि नामांकन के बाद प्रत्याशी के विज्ञापन और पेड न्यूज पर नजर रखी जाए। कहा कि सामाचार पत्रों में प्रत्याशियों के पक्ष में बढ़ा-चढ़ाकर यदि खबरें प्रकाशित की जाती हैं तो ऐसी स्थिति में निगरानी टीमें उनका आकलन करें, यह पेड न्यूज की श्रेणी में आएगा। प्रकाशित खबरों को प्रत्याशियों के व्यय में जोड़ा जाएगा। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी राजेश एस, एडीएम राम सिंह वर्मा, सीडीओ हरिशंकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, अमिताभ सेन गुप्ता आदि मौजूद रहे।