ज्ञानपुर। जिले में मौसम का मिजाज बुधवार को अचानक बदल गया। सुबह से शुरू हुई बादलों की उमड़-घुमड़ के बाद दोपहर में बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 20 मिनट की बूंदाबांदी से ही कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गईं। तापमान में गिरावट आने से ठंड का एहसास होने लगा। तेज हवा चलने से सरसों और अगैती गेहूं की फसलें गिर गईं, जबकि ओले गिरने की आशंका से किसान चिंतित हो उठे हैं।
फरवरी के पहले पखवाड़े में बारिश के बाद मौसम सामान्य हो गया था। दिन में धूप के साथ गर्मी और रात में गुलाबी ठंड हो गई थी। इससे लोगों को लगने लगा कि अब ठंड चली गई है, लेकिन पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का असर जिले में बुधवार को सुबह देखने को मिला। आसमान में काले बादलों ने घेरना शुरू किया और देखते ही देखते आसमान बादलों से ढंक गया। दोपहर करीब एक बजे के बाद ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही समेत अन्य इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने से कीचड़ हो गया। मौसम में आए बदलाव से ठंड में इजाफा हो गया है। बूंदाबांदी संग तेज हवा चलने से खेतों में तैयार सरसों की फसल और गेहूं की अगैती फसलें भी गिर गईं। हालांकि इसका असर गिने-चुने क्षेत्रों में ही रहा। मौसम के तेवर देख किसान ओला पड़ने की आशंका को लेकर चिंतित हो उठे हैं। किसान राम बिहारी मौर्य ने कहा कि फसल एकदम तैयार हो चुकी है अगर अब ओले पड़ेंगे तो काफी नुकसान होगा।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि हल्की बूंदाबांदी का फसलों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। गेहूं के लिए यह बूंदाबांदी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि अगर तेज हवा चलने संग ओले पड़े तो फसलों को काफी नुकसान होगा।