भदोही। पियूष गोयल के अंतरिम बजट का हर तबके ने स्वागत किया है। राजनीतिक सोच वालों ने हालांकि इसे महज जुमला करार दिया है, लेकिन आम लोगों की बात करें तो मोदी सरकार के इस बजट से लोगों को भारी राहत मिली है। इसमे आयकर स्लैब 2.50 लाख से 5 लाख करने की सर्वाधिक चर्चा रही। बुनकरों के लिए विशेष रूप से कौई सौगात नहीं मिली है, लेकिन गैर निर्यातक कालीन निर्माता भी इस बजट को सौगात के रूप में देख रहे हैं।
कालीन कांट्रैक्टर आरिफ खां बबलू ने कहा कि फिलहाल तो आयकर स्लैब बढ़ाने को ही सबसे अच्छा कदम माना जाएगा। इस एक कदम से कई मझोले व्यवसाई लाभ की श्रेणी में आ जाएंगे। इसके अलावा एमएसएमई उद्योगों के लिए भी सरकार ने कई घोषणाएं की है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। बंधवा मोहल्ले में कारखाने में हैंडलूम बुनकर नूरआलम ने कहा कि हम लोगों के लिए बजट में क्या है यह तो नहीं पता लेकिन चुनावी वर्ष देखते हुए भाजपा सरकार ने अच्छा बजट पेश किया है। हम लोग कमाने खाने वालों में से है। यदि कालीन उद्योग का लाभ होगा तो हम लोगों को राहत होगी।
मोहल्ला पश्चिम तरफ के बुनकर अजित कुमार और काजीपुर में लूम पर कालीन बुनाई करने वाली साहेबा बीबी ने कहा कि हम लोग खाली सुनते हैं कि बजट अच्छा है या खराब है। हम लोगों पर इसका क्या असर पड़ता है, हमें कभी पता नहीं चला। सरकार को बुनकरों को जीएसटी से मुक्त कर देना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हम लोग तो बस चाहते हैं कि कालीन उद्योग के दिन बहुरे हम लोगों का उसी में हित है। (ाजिद