गोपीगंज। जानलेवा डेंगू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गोपीगंज नगर के एक किशोर की डेंगू से बृहस्पतिवार को मौत हो गई, जबकि डेंगू का लक्षण मिलने पर एक महिला को अन्यत्र रेफर कर दिया गया। इकलौते बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। जिले में अब तक डेंगू से एक चिकित्सक समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
गोपीगंज नगर के काली देवी मोहाल निवासी सौरभ (15) पुत्र सोनू गत एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित चल रहा था। उसके पिता सोनू ने बताया कि गोपीगंज नगर स्थित अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। जांच में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर इलाहाबाद स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को उसने दम तोड़ दिया। सौरभ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सोनू की तीन बेटियों में सौरभ इकलौता बेटा था। उसकी मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। बताते चलें कि गोपीगंज नगर में एक चिकित्सक समेत सात लोगों की अब तक डेंगू से मौत हो चुकी है, जबकि जिले में यह संख्या आठ से अधिक है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसे डेंगू से मौत नहीं मानता। उसका कहना है कि सारी मौतें डेंगू की वजह से ही नहीं हुईं। सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने कहा कि सौरभ के केस की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। लेकिन, बिना एलीजा टेस्ट के डेंगू नहीं माना जा सकता। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों चिकित्सक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पालिका की ओर से दवाओं का छिड़काव किया गया, लेकिन उसके बाद सब शांत हो गए। इसी तरह गोपीगंज नगर के सीएचसी में भर्ती बुखार से पीड़ित महिला में डेंगू का लक्षण मिलने पर इलाहाबाद रेफर किया गया। ऊंज थाना क्षेत्र के रमईपुर गांव निवासी रमाशंकर की पत्नी भारती देवी (45) कई दिनों से बुखार से पीड़ित चल रही थीं। बृहस्पतिवार को गोपीगंज अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को दिखाया। जांच में डेंगू के लक्षण मिलने पर चिकित्सक विजय गौतम ने इलाहाबाद रेफर कर दिया।