फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धार्मिक स्थलों और सड़कों पर खोला खजाना

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। 2014 में प्रचंड बहुमत से देश की सत्ता में आई मोदी सरकार के चार साल 26 मई को पूरे हो जाएंगे। सरकार के प्रतिनिधि सांसद अपनी निधि से संसदीय क्षेत्र में तमाम काम कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अब भी कई कार्य अधूरे ही रह गए। 2017-18 में जिले को दो सौगातें मिलीं। एक केंद्रीय विद्यालय और टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी के लिए पिपरिस में जमीन चिह्नित की गई।
विज्ञापन

भदोही जिले की तीन और इलाहाबाद की दो विधानसभाओं वाले संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संसद में कर रहे भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह ने निधि खर्च करने में कंजूसी नहीं दिखाई, लेकिन धरातल पर कई कार्य काफी पीछे रह गए। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर किया जाए तो चार वित्तीय वर्ष में सांसद निधि से 20 करोड़ खर्च हुए। 60-40 फीसदी के अनुपात में भदोही जिले की तीन और इलाहाबाद की दो विधानसभाओं में खर्च किया गया। 2017-18 में सांसद निधि की 70 फीसदी धनराशि से ग्रामीण अंचलों के बाजार में करीब दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगाईं गईं। नौ हजार प्रति स्ट्रीट लाइट की दर से इस मद में एक करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए गए। हालांकि चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो धार्मिक स्थलों और सड़कों के लिए दिल खोलकर निधि खर्च की गई। सांसद प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे ने कहा कि सांसद निधि से 25 धार्मिक स्थलों पर सत्संग भवन बनाए गए, जबकि 10 अभी निर्माणाधीन हैं। इस पर करीब छह करोड़ खर्च हुए। चौरी, करियांव, निदूर समेत करीब 12 बाजारों में इंटरलाकिंग का कार्य हुआ, जिस पर पांच से सात करोड़ खर्च हुए। सांसद के प्रयास से पिपरिस में केंद्रीय विद्यालय और टेक्सटाइल्स यूनिवर्सिटी के लिए जमीन चिह्नित की गई। केएनपीजी कॉलेज के कृषि संकाय और ई लाइब्रेरी के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छह करोड़ स्वीकृत किया। गत दो दशक में केएनपीजी के लिए इतनी रकम नहीं मिली। उन्होंने बताया कि निधि से यात्री शेड और स्कूलों पर भी रकम खर्च की गई। निधि से हटकर कंपनियों के माध्यम से संसदीय क्षेत्र में 40 हजार सोलर लाइट और 200 हैंडपंप लगवाए गए। वहीं दूसरी ओर चार साल के दौरान करीब 80 से अधिक कार्य अभी अपूर्ण हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें