ज्ञानपुर (भदोही)।
समायोजन रद होने से नाराज शिक्षामित्रों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय आंदोलन के क्रम में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरना देकर आवाज बुलंद की। सरकार से मांग की कि समायोजन बहाल करने के लिए कोर्ट में पुनर्याचिका दाखिल की जाए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे 100 से अधिक की संख्या में शिक्षामित्र पहुंच गए। सभी ने एकजुट होकर शिक्षामित्र एकता जिंदाबाद, नौकरी लेकर रहेंगे-लेकर रहेंगे के नारों से बीएसए दफ्तर गूंज उठा। क्रांतिमान शुक्ला ने कहा कि गत 16 साल से वह प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। 90 फीसदी से अधिक शिक्षामित्रों की उम्र 40 से 45 वर्ष पार कर चुकी है। समायोजन निरस्त होने के बाद उनके पास रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है, जबकि सभी शिक्षामित्र स्नातक और बीटीसी योग्यताधारी हैं। एकाएक उनकी नौकरी खत्म होने से उनके परिवार में आर्थिक दिक्कतें बढ़ गई हैं। सभी ने एक स्वर से मांग की कि सरकार एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को नौकरी दिलाने के लिए नया अध्यादेश लाए, अध्यादेश लाए जाने तक समायोजित शिक्षामित्रों को शिक्षकों के समान वेतन मिले और सरकार सर्वोच्च न्यायालय में पुन: विचार याचिका दाखिल किया जाए। धरने में शाहनवाज खां, श्यामजी दूबे, प्रमोद पाठक, दीपेंद्र श्रीवास्तव, विनोद यादव, प्रदीप, अनामिका सिंह, प्रेमलता, सुमन, नीलम, हर्षिका, सुनीता, नीलम सिंह, अल्पना, उमा तिवारी, एखलाक अहमद, विकास मिश्रा, अमृतांशु यादव आदि रहे।