भदोही नगर के पचभैया स्थित एक कालीन बुनाई केंद्र पर मंगलवार को श्रम विभाग ने छापा मारकर 11 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। श्रमिकों में 10 पश्चिम बंगाल के मालदा और एक बिहार के कदुआ का निवासी है। प्रभागीय सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर में सभी बच्चों का मेडिकल कराने के बाद सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के सामने पेश किया।
पचभैया स्थित नसीम खान के कालीन बुनाई केंद्र से सोमवार को एक बाल श्रमिक किसी तरह निकल गया। वह आसपास के लोगों के सहयोग से भदोही कोतवाली पहुंचा। खबर मिलने के बाद प्रभारी सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल भी टीम के साथ वहां पहुंच गए, लेकिन रात हो जाने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। केंद्र से भागे बालश्रमिक को एक स्वयंसेवी संस्था के अध्यक्ष एमएसईएमबीएस के अध्यक्ष राजधारी सिंह को सौंप दिया गया। मंगलवार को सुबह प्रभारी सहायक श्रमायुक्त ने एसडीएम भदोही आशाराम को मामले से अवगत कराते हुए बुनाई केंद्र पर छापेमारी की।
छापेमारी में केंद्र से बाल श्रमिक राहुल पुत्र फेफन, हमदुल पुत्र नजरुल, इब्रान मोमिन पुत्र एकरामुल हक, मुस्लिम पुत्र कुत्तू मोमिन, शेख किताबुल पुत्र शेख श्यासूल निवासी ऐनकपुर थाना मानिकचंद्र, मालदा पश्चिम बंगाल, इब्राहिम पुत्र शेख बारिक, शेख इमरान पुत्र शेख हारेस निवासी मीराग्राम थाना मानिक चौक मालदा पश्चिम बंगाल, रोकी मोमिन पुत्र गौसर मोमिन, अतिऊल पुत्र नूरुल निवासी धर्मपुर, मानिक चौक मालदा पश्चिम बंगाल और मो. जाबिर पुत्र अजीम निवासी कटुआ, थाना अरहरिया बिहार और निस्तार मोमिन पुत्र एकरामुल मोमिन ऐनकपुर जिला मालदा को बरामद किया।
बाल श्रमिक 10 से 13 साल के बताए गए, हालांकि मेडिकल के बाद स्पष्ट होगा कि कौन बाल श्रमिक है। टीम ने सभी बाल श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। प्रभारी सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने कहा कि मामले में कालीन बुनाई केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इंद्रजीत तिवारी, ओमकार तिवारी आदि मौजूद रहे।