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गेहूं खरीद: क्रय केंद्रो पर 4925 एमटी अनाज डंप

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ज्ञानपुर। जिले में गेहूं खरीद तेज होने के साथ ही भंडारण संकट बढ़ गया है। ठेकेदारों की मनमानी से विपणन और पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर चार हजार 925 एमटी गेहूं डंप पड़ा है। इससे क्रय केंद्र प्रभारियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। स्थान और मजदूरों की कमी से गोदामों के बाहर ट्रकों की लंबी कतार लग जा रही हैं। 30 हजार एमटी लक्ष्य के मुकाबले अब तक 17 हजार 607 यानी लगभग 58 फीसदी गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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रबी और खरीफ सीजन में सरकार गेहूं और धान किसानों से खरीदती है। एक अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद के लिए कुल 26 क्रय केंद्र खोले गए। शुरुआती एक महीने में खरीद कच्छप गति से चली, लेकिन मई के एक पखवारे में खरीद ने रफ्तार पकड़ी। 16 मई तक 30 हजार के सापेक्ष 17 हजार 607 एमटी गेहूं की खरीद हो चुुकी है। गोपीगंज और औराई विपणन केंद्र पर 71 फीसदी से अधिक खरीद हो चुकी है जबकि एफसीआई के गोदाम पर मात्र 11 फीसदी गेहूं खरीद हो सकी है। गेहूं खरीद के बाद गोदामों में भंडारण ठीक से नहीं हो पा रहा है। जिससे क्रय केंद्रो पर बड़ी मात्रा में गेहूं डंप पड़ा है। अकेले गोपीगंज में करीब एक हजार एमटी गेहूं डंप है। इसी तरह अन्य क्रय केंद्रो को मिलाकर 4 हजार 925 एमटी गेहूं डंप पड़ा है। सूत्रों की मानें तो गोदामों पर रखने के लिए लगे ठेकेदारों की मनमानी से भंडारण सही से नहीं हो पा रहा है। 15 से 20 मजदूरों की बजाए चार से पांच मजदूरों से काम लिया जा रहा है। जिससे दो से तीन ट्रक अनाज ही उतर पा रहा है। क्रय केंद्रो से प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक गोदामों में पहुंच रहा है। भंडारण समय से न होने पर क्रय केंद्रो पर ही गेहूं पड़ा है। जगह के अभाव में क्रय केंद्र प्रभारी भी परेशान हो रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि पंजीकृत 5050 किसानों में अब तक 2822 गेहूं बेच चुके हैं। उनके खाते में पैसा भी भेजा जा चुका हे। बताते चलें कि जिले के सरकारी और गैर सरकारी गोदामों में 24 हजार एमटी भंडारण की क्षमता है।
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