ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से लगी भदोही लोकसभा सीट पर सभी की नजरें टिकी हुईं हैं। यहां पहली बार 2009 में बसपा से गोरखनाथ पांडेय ने हाथी दौड़ाने में सफलता हासिल की थी, जबकि 2014 में मोदी मैजिक में वीरेंद्र सिंह ने कमल खिलाया।
2008 में चुनाव आयोग के परिसीमन के बाद भदोही संसदीय सीट अस्तित्व में आई। 2008 में संसदीय क्षेत्र बनने के बाद प्रयागराज जिले के फूलपुर संसदीय क्षेत्र की दो विधानसभा क्षेत्र हंडिया और प्रतापपुर इसमें शामिल हुई। भदोही संसदीय सीट बनने पर पहली बाजी बसपा के हाथ लगी। यहां बसपा के गोरखनाथ पांडेय को 1,95,808 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर सपा के छोटेलाल बिंद रहे जिन्हें 1,82,845 वोट मिले। 2012 के विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी का का कब्जा हो गया। 2014 में में मोदी मैजिक चला और वीरेंद्र सिंह सांसद बने, लेकिन इस बार सपा-बसपा गठबंधन भाजपा के लिए मुश्किल चुनौती पेश कर रहा है। किसी को राष्ट्रवाद और मोदी पर भरोसा है तो कोई जातीय गणित के सहारे अपनी नैया पार कराने में लगा है।