औराई। केंद्र और प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी सड़कों के बीच जानलेवा बन चुके गड्ढों से राहगीरों को निजात नहीं मिल पा रही है। छोटी सड़कें हों या बड़ी सड़कें, आवागमन दुरूह होने से हालात कठिन हो गए हैं। ऐसा ही नजारा इन दिनों नवनिर्मित औराई तहसील मार्ग पर देखने को मिल रहा है।
इलाके के निवासी और राहगीर सुनील कुमार, सुरेश दुबे, प्रमेंद्र सिंह, विपुल कुमार, अभिनंदन, नरेंद्र सिंह, अरविंद आदि ने आरोप लगाया कि उक्त मार्ग का निर्माण गत वर्ष ही कराया गया है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और कार्यदायी संस्था की ओर से मानक में बरती गई अनदेखी का परिणाम है कि मार्ग पर जगह-जगह धंसी सड़क जानलेवा गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। तहसील-औराई चौराहे से जुड़े होने के कारण लोगों का बड़ी संख्या में पैदल, साइकिल, बाइक एवं चार पहिया वाहनों से आवागमन होता रहता है। अहम बात यह कि चौराहा स्थित राजमार्ग सिक्सलेन अंतर्गत दीवारयुक्त ब्रिज का निर्माण होने और जाम से बचने के लिए लोग उक्त मार्ग का सहारा ले रहे हैं। यकीनन दर्जन भर से अधिक बाइक सवार अब तक गड्ढों में उलझ कर घायल भी हो चुके हैं। मार्ग किनारे रहने वाले लोगों को इस बात का हमेशा भय सताता रहता है कि यदि बड़े वाहन गड्ढों में फंस कर अनियंत्रित हुए तो अंजाम बुरा ही होगा। इतना ही नहीं इसी रोड से प्राय: एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, सीडीपीओ चिकित्सा प्रभारी, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी गड्ढे को नजरंदाज कर आते-जाते रहते हैं। इनकी अनेदखी कभी भारी पड़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तहसील रोड पर बने गड्ढों को भरवाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि मार्ग की बदहाली की अनदेखी की जा रही है।