ज्ञानपुर। भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन की वतन वापसी के बाद शुक्रवार शाम को जिले में खूब जश्न मना। पाकिस्तान के कब्जे से छूटे पायलट की झलक देखने के लिए लोग देर शाम तक टीवी से चिपके रहे। वाघा बॉर्डर पर अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने की खबर मात्र से जश्न में डूब गए। जगह-जगह मिठाइयां बांटीं गईं और पटाखे फोड़े गए। तिरंगे के सासथ युवा डीजे पर खूब थिरके।
ज्ञानपुर के पटेल नगर में भाजयुमो और युवाओं की ओर से जश्न मनाया। दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। भाजयुमो नेता जेपी सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने भारत माता की जय के नारे के साथ आतिशबाजी की। इस दौरान सभी ने होली और दीपावली के एक साथ मनाया। एक दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि 1971 में इंडो-पाक युद्ध में 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा किया गया था। पाकिस्तान को अभिनंदन को वापस करना था, लेकिन कितना समय लगता यह सुनिश्चित नहीं था, लेकिन केंद्र सरकार की सख्ती से दो दिन में ही पाकिस्तान को झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री की कूटनीति से अभिनंदन की सकुशल वापसी हुई। इस मौके पर कमलेश गुप्ता, हजारी तिवारी, सूरज तिवारी, विनोद, रोहन, सुभाष यादव, पूतल बिंद रजत आदि मौजूद रहे।
सुरियावां क्षेत्र के कैड़ा गांव में अभिनंदन की रिहाई पर युवाओं ने डीजे की धुन पर धमाल मचाया। भारत की माता की जय और विंग कमांडर अभिनंदन का स्वागत...आदि स्लोगन लिखी दफ्तियां लेकर युवाओं ने तिरंगे के साथ झूमते हुए क्षेत्र भ्रमण किया। इस मौके पर शैलेश राय, आशीष, राहुल, नीरज, अनुज, संदेश दुबे, दीपांकर सिंह आदि मौजूद रहे।