भदोही। नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित पतंजलि योग समिति के 100 घंटे के विशेष प्रशिक्षण सह योग शिविर में बृहस्पतिवार को आष्टांगिक योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। योग प्रशिक्षक धीरज सिंह ने यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के बारे में जानकारी दी। कहा कि सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह्य, ब्रह्मचर्य यम के अंग हैं। शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय एवं ईश्वर प्रणिधान योग नियम हैं।
कहा कि भारतवर्ष के तमाम ऋषि, मुनियों ने इन्हीं आष्टांगिक मार्गों का अनुसरण किया। वे न केवल शतायु हुए, बल्कि जीवन के उच्च आदर्श स्थापित किए। भौतिकवादी समाज में मनुष्य प्रकृति का दुश्मन बन बैठा है। योग-प्राणायाम ही वह माध्यम है, जिससे समाज में प्रेम और भाईचारे की स्थापना संभव है। महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी स्नेहलता श्रीवास्तव ने मधुमेह, हृदय के आरोग्य एवम मेरुदंड, सायटिका में लाभकारी आसनों का अभ्यास कराया। समिति के औराई प्रभारी महेंद्र पटेल ने प्रशिक्षणार्थियों को भस्त्रिका, कपालभाति, वाह्य प्राणायाम, उज्जायी, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और प्रणव प्राणायाम का अभ्यास कराया।
युवा भारत के तहसील भदोही प्रभारी रामलाल ने यौगिक जागिंग, सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। इस अवसर पर महामंत्री महिला समिति आरती सिंह, सुधा वर्मा, प्रियंका पांडेय, संदीप कानोडिया, आशुतोष बरनवाल, संजय मौर्य, सुप्रिया श्रीवास्तव, जगदीश, मुन्ना, नियाज अहमद, कमलेश कुमार, आशीष बरनवाल, बबिता चौरसिया, अलका, रमेश, मधु श्रीवास्तव, सुरेंद्र विश्वकर्मा, अमित शर्मा, भरतलाल आदि उपस्थित रहे।