भदोही। मदरसा शमसिया तेगिया के प्रिंसिपल मौलाना फैसल अशर्फी ने कहा कि इल्म ऐसे चीज है जो चोरी नहीं हो सकती। हस्त्रत्त्र मां बाप को चाहिए कि स्त्रत्त्सबसे पहले अपने बच्चे को इल्मयाफ्ता काएं। यह भी कहा कि छोटी उम्र में बच्चे इल्म का महत्व न समझ सकें तो उन्हें समझाना मां बाप का ही काम है। इल्म खुशहाली की ओर जाने वाली पहली सीढ़ी है। वे रविवार को ढमदरसे में मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए बोल रह े थे।
प्रिंसिपल ने कहा कि शिक्षा अनमोल है यह बात छोटे छोटे बच्चों को समझानी होगी। यह काम शिक्षर तो करते हैं लेकिन मां बाप को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों का भविष्य संवारने का काम करें। समारोह में अरबी, उर्दू, फारसी आरि कुरआन पाक हिफ्ज में अच्छा परिणाम लाने वाले छात्रों फरहान रजा, अफसर अली, तसौव्वर अली, मो नजीर, गुलाम साबिर, आबिद हुसैन, शकीरुल कादरी, कैफ रजा, लारैब, मो समीर समेत दस छात्रों को सम्मानित किया। इस दौरान मदरसा प्रबंधक हाजी अब्दुस्सलाम खां रिजवी व हाजी जलील अंसारी ने उन्हें दीन की किताबें व नकद इनाम ने नवाजा। कार्यक्रम में कम अंकों से पिछड़ने वाले छात्रों का उत्सावर्धन किया गया। साथ ही शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर हाफिज तबरेज, नुरैन खां, हाफिज तबरेज, जमील नेता, मौ. कुतुबउद्दीन, मौ.ऐनुल बशर, मौ. गुलाम रब्बानी, मौ. अनवर, कारी आफताब अंसारी, यूसुफ खुशीद, हाफिज हसरत अली, जुबैर खां आदि मौजूद थे।