सीतामढ़ी। पांच वर्ष से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी को एक कराने के लिए मंगलवार को पाल बिरादरी की पंचायत सीतामढ़ी स्थित मौनी बाबा आश्रम परिसर में हुई। लगभग चार घंटे तक चली पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के गिले-शिकवे को दूर करते हुए दोनों को एक एक साथ रहने पर इस शर्त के साथ राजी किया गया कि जिसने भी पंचायत के फैसले को तोड़ा उसे जुर्माना के रूप में सात लाख रुपये देने होंगे। कोइरौना थानाक्षेत्र में डगडगपुर गांव निवासी सीताराम पाल ने अपनी पुत्री सुमन पाल की शादी 2012 में इलाहाबाद के हंडिया कोतवाली क्षेत्र के पुरवां (पूरे मथुरादास) गांव निवासी प्रभुनाथ पाल के पुत्र संजय के साथ की थी। शादी के लगभग डेढ़ वर्ष बाद संजय और सुमन के वैवाहिक जीवन में कटुता आने लगी। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि सुमन पिछले तीन वर्षों से अपने मायके डगडगपुर में रहने लगी। लड़की के पिता सीताराम पाल ने मंगलवार को बिरादरी की पंचायत बुलाई। मंगलवार को चार घंटे चली पंचायत में दोनों पक्षों के गिले शिकवे सुनने के बाद पंचों ने दोनों पक्षों में सुलह समझौता कराते हुए फैसला सुनाया कि अगर किसी भी पक्ष ने पंचायत का फैसला तोड़ा तो उसे दूसरे पक्ष को सात लाख रुपये बतौर जुर्माना (शादी का पूरा खर्च) देना होगा। बिरादरी उसका हुक्का पानी भी बंद कर सकती है। अंतत: पंचायत के फरमान को दोनों पक्ष मानने पर सहमत हो गए। पंचायत ने यह भी निर्णय दिया कि संजय के परिजन सोमवार तक बा इज्जत सुमन की बिदाई करा कर सुसराल ले आएंगे। ज्ञात हो कि संजय पाल एमए में पढ़ता है, जबकि उसकी पत्नी कम पढ़ी लिखी है।