फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंगद का पांव हिलाने में रावण के वीरों के छूटे पसीने

विज्ञापन
विज्ञापन
गोपीगंज। नगर के अंजही मोहाल के कबूतरनाथ मंदिर पर चल रही रामलीला में गुरुवार की रात अंगद रावण संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। भरी सभा में प्रभु श्रीराम के दूत अंगद ने ऐसा पांव जमाया की कोई हिला नहीं सका। समुद्र पार करके राम की सेना लंका में प्रवेश की तो जामवंत की सलाह पर युद्ध को टालने के लिए राम ने अंगद को रावण को समझाने के लिए भेजा। रावण ने उनको सभा में बुलाया। अंगद ने समझाया राम से बैर मत लो और सीता को उन्हें सौंप दो। तुम्हारे अपराध को प्रभु राम क्षमा कर देंगे। यह सुनते ही रावण क्रोध से भर गया। इसके बाद दोनों के बीच जमकर अपनी अपनी वीरता के शब्द बाण चले। रावण ने अपने वीरों से अंगद को पकड़ने के लिए कहा। अंगद ने भरी सभा में उसे ललकारा कि दम है तो मेरा पांव तुम में से कोई भी भूमि पर से उठा दे तो राम बिना युद्ध के वापस चले जाएंगे। यह कहकर अंगद ने ऐसा पांव जमाया कि रावण के बड़े-बड़े सूरमा भी पांव टस से मस नहीं कर सके। अंत में रावण स्वयं उनका पांव उठाने के लिए खड़ा होता है। इस पर अंगद ने कहा कि मेरे नहीं राम के पांव छूओ, वह तुम्हें माफ कर देंगे। रामलीला के दौरान प्रमुख रूप से आयोजक दयाशंकर जायसवाल, शिवशंकर गुप्त, मोहित कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें