मरम्मत के अभाव में खराब ऊंज से कुरमैचा मार्ग।
शहरी सड़कों को बेहतर करने में अफसर गांव की सड़कों को भूल गए। इससे जिले में करीब 100 से अधिक प्रमुख सड़कें मरम्मत के अभाव में टूट चुकी हैं। टूटे मार्ग से आवागमन में हर रोज बाइक और साइकल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मार्गों को बनवाने को लेकर ग्रामीण आवाज तो उठाते हैं लेकिन उनकी उम्मीदें परवान नहीं चढ़ती।
केंद्र और प्रदेश सरकार शहर से गांव को जोड़ने के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन प्रशासनिक अफसर शहरी सड़कों को सुधारने में गांव के मार्गों को सुधारना भूल गए। जिले में नगरों को जोड़ने वाली 95 फीसदी से अधिक सड़कें बन चुकी हैं लेकिन ग्रामीण सड़कों की दशा जैसे पांच साल पहले थी वैसे आज भी है। कुछ इलाकों में सड़क बनने के लिए उखाड़ तो दी गई है लेकिन महीनों से बोल्डर डालकर छोड़ा गया है। इससे उन मार्गों पर चलना भी दूभर हो गया है। ऊंज इलाके में कुरमैचा-ऊंज मार्ग, कुरमैचा- इलाहाबाद बार्डर मार्ग, चौरहटा से रोही मार्ग, रोही से अकोढ़ा मार्ग, हरिहरपुर से पूरे नगरी मार्ग शामिल है। चौरी इलाके में चौरी-सुरेरी मार्ग समेत करीब 10 ऐसी सड़क है जिस पर वाहनों का आवागमन होता है। इसी तरह मोढ़-चकचंदा मार्ग समेत 100 से अधिक सड़के हैं जिनको मरम्मत का इंतजार है। प्रभारी अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एके चौरसिया ने बताया कि पीएमजीएसवाई समेत निधियों से कई मार्ग बनने के लिए प्रस्तावित हैं। जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। कुछ सड़कें ग्राम पंचायत स्तर से प्रस्तावित होती हैं।