बैरिया। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोनबरसा में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 बेड के संयुक्त राजकीय चिकित्सालय की व्यवस्था चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के कारण चरमरा गई है। करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक जांच मशीनें स्टाफ और तकनीकी कर्मियों के अभाव में संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसके चलते उनकी वारंटी अवधि भी समाप्त होती जा रही है।
अस्पताल में चिकित्साधिकारियों के 31 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 13 चिकित्साधिकारी तैनात हैं। इनमें से पांच चिकित्साधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से संबद्ध हैं और एक चिकित्साधिकारी उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल में केवल सात चिकित्साधिकारी ही सेवाएं दे पा रहे हैं।
फार्मासिस्ट के 10 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक फार्मासिस्ट, निर्भय नारायण शुक्ला, कार्यरत हैं। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा की भी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। वहीं, 38 स्वीकृत स्टाफ नर्सों में केवल दो तैनात हैं और 36 पद रिक्त हैं। एक्स-रे टेक्नीशियन के तीनों पद भी खाली हैं। कुल मिलाकर चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के 100 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 23 कर्मी कार्यरत हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि चिकित्सालय के लोकार्पण के चार माह बाद भी डीडीओ कोड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके कारण मशीनों के संचालन और वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हर छोटे-बड़े खर्च और प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है।
करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई विभिन्न जांच मशीनें अस्पताल परिसर में निष्क्रिय पड़ी हैं। इनके संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी कर्मियों की तैनाती नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सामान्य जांच के लिए भी निजी संस्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। मरीजों को बलिया और छपरा जाकर महंगी जांच करानी पड़ रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा की स्थिति भी चिंताजनक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में चिकित्साधिकारियों के पांच पद स्वीकृत हैं, जबकि केवल तीन चिकित्साधिकारी कार्यरत हैं। यहां एक भी फार्मासिस्ट तैनात नहीं है। स्टाफ नर्स के तीन स्वीकृत पदों में से केवल एक पर तैनाती है। अन्य चिकित्सा कर्मियों की भी भारी कमी बनी हुई है, जिससे मरीजों को उपचार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों को भेजा गया प्रस्ताव
संयुक्त राजकीय चिकित्सालय सोनबरसा के अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी और शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने आश्वस्त किया है कि अस्पताल की सभी आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा। आवश्यक स्टाफ और संसाधन उपलब्ध होने के बाद अस्पताल पूरी क्षमता के साथ क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेगा। - डॉ. विमल कुमार, अधीक्षक, संयुक्त राजकीय चिकित्सालय सोनबरसा (बैरिया)