ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो मधु डोगरा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। करीब 14 महीने पूर्व की घटना में कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अर्थदंड की धनराशि में 75 हजार पीड़िता को देने का आदेश दिया।
अभियोजन के मुताबिक 12 दिसंबर 2022 को पीड़िता की माता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी बेटी जिसकी उम्र 16 साल है। राहुल बिंद निवासी पूरे भिखारी उसे आठ दिसंबर 2022 को बहला-फुसलाकर कहीं लेकर चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिली। गोपीगंज पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने 14 दिसंबर को आरोपी राहुल बिंद के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की विवेचना में पुष्टि होने पर आरोपी पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गई। आरोपी के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं दुष्कर्म आदि मुकदमे में आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों के तर्क सुने गए। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए दोषी माना और राहुल बिंद ने 10 साल कठोर कारावास के साथ एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। उन्होंने अर्थदंड की धनराशि से 75 हजार पीड़िता को देने का भी आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अश्वनी मिश्र ने पैरवी की।