जिला अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद परिजन से बातचीत करती पुलिस। संवाद
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय में शनिवार को उपचार के दौरान आशीष चंद्र (10) पुत्र कन्हैया लाल निवासी लक्ष्मणपट्टी की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। लक्ष्मणपट्टी निवासी रोहित कुमार ने बताया कि उनके भाई आशीष चंद्र की तबीयत शनिवार को अचानक खराब हुई। जिसके बाद वे उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। आरोप लगाया कि इमरजेंसी में उन्होंने अपने भाई को दिखाया। जहां इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप लगाया कि चिकित्सक व उनके सहयोगियों ने उनके भाई को पांच इंजेक्शन लगा दिए। जिससे उसके भाई की तबीयत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
दूसरी तरफ इमरजेंसी में तैनात डॉ. सुरेंद्र बिंद ने बताया कि मरीज की स्थिति गंभीर थी, तुरंत ओपीडी से वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव को बुलाया गया। साथ ही पैथोलॉजिस्ट डॉ. अनुपम अग्रवाल भी आए। बताया कि डॉ. प्रदीप ने बच्चे को सीपीआर दिया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। आशीष कक्षा पांच का छात्र था। मृतक के भाई रोहित कुमार ने ज्ञानपुर कोतवाली तहरीर दी है। उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल के सीएचएस डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि पांच इंजेक्शन के आरोप गलत हैं। अस्पताल पहुंचने के समय ही बच्चे की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों की टीम ने उसका समुचित उपचार किया, लेकिन उसकी जान नहीं बची। कोतवाली प्रभारी रामसरिख गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आने बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।