नई बाजार नगर पंचायत में बना रैन बसेरा। संवाद
- फोटो : कैसरगंज क्षेत्र में वन विभाग द्वारा मारा गया भेड़िया।
ज्ञानपुर। ठंड से बचाव के लिए चार निकायों में 10 लाख रुपये खर्च करके बनाए गए रैन बसेरे का लाभ अभी तक एक व्यक्ति को भी नहीं मिला है। कारण कि ये रैन बसेरे शहर के प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशनों से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर गलियों में बनाए गए हैं। नगर निकाय की ओर से रैन बसेरे तक पहुंचने के लिए कोई साइनेज भी नहीं लगाया गया है। कुछ रैन बसेरे तंग गलियों में बनाए गए हैं तो दो रैन बसेरे नगर पंचायत कार्यालय में बनाए गए हैं। हां, यह जरूर कि रैन बसेरे में व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन ये राहगीरों की पहुंच से दूर हैं। जिला प्रशासन की ओर से जिले में 168 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। वहीं, सात निकायों में रैन बसेरे बनाकर 128 बेड लगाए गए हैं।
यहां बने हैं रैन बसेरे
भदोही रेलवे स्टेशन 20 बेड
गोपीगंज बाजार 12 बेड
ज्ञानपुर बाजार 50 बेड
सुरियावां 18 बेड
घोसिया 10 बेड
खमरिया 10 बेड
नईबाजार 12 बेड
सुरियावां में स्टेशन से दो किमी दूर है रैन बसेरा
सुरियावां रेलवे स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर दूर पुरानी बाजार दुर्गागंज रोड में जोधराज सिंह तालाब के पास बनाया गया है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई साइनेज नहीं लगाया है। स्टेशन पर शाम को करीब छह ट्रेनों का ठहराव होता है। यदि रैन बसेरा स्टेशन के पास बनाया गया होता तो यात्रियों को इसका लाभ मिलता है। यहां अभी तक एक भी राहगीर नहीं पहुंचा है। ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि जगह के अनुसार बनाया गया है। नगर पंचायतकर्मी राहगीरों को रास्ता बताने के लिए लगाए गए हैं।
गोपीगंज स्टेशन पर डीएम ने साइनेज लगाने के दिए थे निर्देश, फिर भी नहीं लगा
गोपीगंज में स्थायी रैन बसेरा नगर पालिका कार्यालय के पीछे पानी टंकी के पास बनाया गया है। इसकी दूरी स्टेशन से करीब एक किलोमीटर होगी। शाम को यहां आठ ट्रेनें रुकती हैं। रैन बसेरे तक पहुंचने के लिए कोई साइनेज नहीं लगाया गया है। बीते दिनों डीएम ने निरीक्षण के दौरान साइनेज लगाने के निर्देश दिए थे। यहां उतरने वाले यात्री होटलों का सहारा लेते हैं। ईओ रामबदन यादव ने बताया कि नगर पालिका के वालंटियर लगे हैं। जल्द ही साइनेज लगाए जाएंगे। वहीं, स्टेशन के पास भी साइनेज लगाया जाएगा।
कागज पर 10 बेड, हकीकत में दिखा आठ
खमरिया में रैन बसेरा वार्ड नंबर एक दशमी की बारी कुटिया में बना है। यहां कागज पर 10 बेड, लेकिन हकीकत में आठ बेड लगाया गया है। अहिमनुपर रेलवे स्टेशन से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस रैन बसेरे तक पहुंचने के लिए कोई साइनेज नहीं लगाया गया है। यहां अभी तक एक भी राहगीर नहीं पहुंचा है।
नगर पंचायत कार्यालय में बना रैन बसेरा
नईबाजार घोसिया में 12 बेड का रैन बसेरा नगर पंचायत कार्यालय में बनाया गया है। यहां केयर टेकर तैनात हैं। अभी तक एक भी राहगीर यहां नहीं पहुंचा है। नईबाजार चेयरमैन निर्मला सोनकर ने बताया कि वॉलंटियर लगे हैं। वे निराश्रितों को पहुंचाते हैं।