बस्ती। जिले में प्रदेश सरकार ने एमएसएमई विभाग के तहत ओडीओसी योजना शुरू की है, जिससे पारंपरिक व्यंजनों जैसे ठेकुआ, पूरी-सब्जी, सिरका और गुड़ का उत्पादन करने वाले उद्यमियों को 25 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। अनुदान लेकर कारोबार कर खुद को आर्थिक रूप से युवा व महिलाएं समृद्धि कर सकेंगे।
जिले में पारंपरिक व्यंजनों को उद्योग से जोड़कर स्वरोजगार बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के तहत जनपद को 10 इकाइयों का लक्ष्य दिया है। योजना के अंतर्गत जिले के पारंपरिक उत्पाद ठेकुआ, पूरी-सब्जी, सिरका और गुड़ का उत्पादन करने वाले उद्यमियों को बैंक ऋण के साथ स्वीकृत ऋण राशि पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि जिले के लिए योजना के तहत 30 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक उद्यमी बैंक से ऋण लेकर खाद्य प्रसंस्करण एवं पारंपरिक व्यंजनों से जुड़ा अपना कारोबार शुरू या विस्तारित कर सकते हैं। स्वीकृत ऋण राशि का 25 प्रतिशत विभाग की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाएगा, जिससे नए उद्यमियों को शुरुआती निवेश का बोझ कम होगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा वह बस्ती जिले का स्थायी निवासी हो। आवेदन के लिए किसी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। हालांकि आवेदक बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और उसने पूर्व में किसी अन्य सरकारी ऋण योजना में सब्सिडी का लाभ न लिया हो। इच्छुक अभ्यर्थी एमएसएमई विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
विभाग ने अधिक से अधिक पात्र युवाओं, महिला उद्यमियों और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों से योजना का लाभ उठाकर जिले के पारंपरिक व्यंजनों की रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनाने की अपील की है।