बस्ती। इंटरमीडिएट पास कर चुके होनहार परंपरागत बीए-बीएससी,बी-कॉम के बजाए व्यावसायिक कोर्स को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। मेडिकल क्षेत्र के साथ ही बिजनेस, जर्नलिज्म आदि कोर्स की तरफ झुकाव ज्यादा है।
यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित होने के बाद परीक्षार्थियों को अंकपत्र का इंतजार है। काॅलेजों में इस साल समर्थ पोर्टल के माध्यम से स्नातक कक्षाओं में प्रवेश लिया जा रहा है। विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए कालेजों ने पूरी तैयारी कर रखी है। काॅलेजों में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून है। कालेजों में बीए बीएससी, बीकाम आदि परंपरागत कोर्स में बच्चों का रुझान कम दिख रहा है। अब तक कालेजों में स्नातक में किसी में दस तो किसी में 20 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जेईई एडवांस, नीट यूजी और बीएड प्रवेश परीक्षा में ज्यादातर विद्यार्थी शामिल हुए।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय समन्वयक डाॅ. रघुवर पांडेय का कहना है कि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के फार्म का विद्यार्थी इंतजार कर रहे हैं। महिला महाविद्यालय स्थित कार्यालय रोज विद्यार्थी कोर्स की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। मास्टर आफ सोशल वर्क, फूड न्यूट्रिशियन, पीजी डिप्लोमा इन योगा, बैचलर आफ लाइब्रेरी साइंस, आपदा प्रबंधन, मार्केटिंग मैनेजमेंट, फैशन डिजाइनिंग, फोटोग्राफी, फाइनेंस मैनेजमेंट आदि कोर्स का पता करने विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
एपीएन कालेज के प्रधानाचार्य डा. अभय प्रताप सिंह का कहना है कि अभी तक बीए में केवल 25 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बिजनेस मैनेजमेंट, पत्रकारिता आदि रोजगारपरक कोर्स के प्रति बच्चों का रुझान अधिक है। बहुत से बच्चे विश्वविद्यालयों में रोजगार परक कोर्स की तैयारियों में जुटे हैं।
शिवहर्ष किसान पीजी कालेज के डा. शिवेंद्र पांडेय का कहना है कि परंपरागत बीए, बीएससी आदि कक्षाओं में प्रवेश की गति धीमा है। बीए में केवल एक और बीएससी मैथ में पांच और बायो में 10 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। प्रवेश के लिए हेल्प डेक्स स्थापित किया गया है।
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